MP UCC Bill : मध्य प्रदेश में UCC Bill लागू होने की तैयारी! अब Live-in में रहने से पहले करना होगा ये काम, शादी-तलाक से संपत्ति तक बदल जाएंगे नियम

मध्य प्रदेश विधानसभा में मोहन यादव सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) बिल 2026 पेश कर दिया। सरकार इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, जबकि कांग्रेस ने सदन में इसका विरोध करते हुए इसे 'छिपकर लाया गया बिल' बताया।

MP UCC Bill : मध्य प्रदेश में UCC Bill लागू होने की तैयारी! अब Live-in में रहने से पहले करना होगा ये काम, शादी-तलाक से संपत्ति तक बदल जाएंगे नियम

MP UCC Bill / Image Source : FILE

Modified Date: July 20, 2026 / 07:27 pm IST
Published Date: July 20, 2026 7:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मध्य प्रदेश विधानसभा में UCC बिल 2026 पेश किया गया।
  • अनुसूचित जनजातियों और कुछ संरक्षित पारंपरिक समुदायों को कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
  • विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर नए प्रावधान शामिल किए गए हैं।

भोपाल : MP UCC Bill  मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने भारी हंगामे और विपक्ष के कड़े विरोध के बीच विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल 2026 पेश कर दिया है। सरकार इसे प्रदेश के इतिहास में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बता रही है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे ‘छिपकर लाया गया बिल’ बताते हुए तीखा हमला बोला है। भारी ड्रामे और विरोध-प्रदर्शन के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष ने इस बिल को रिकॉर्ड पर ले लिया है।

MP UCC बिल 2026 में क्या-क्या है?

  • अनुसूचित जनजातियां रहेंगी बाहर: यूसीसी का यह कानून अनुसूचित जनजातियों (ST), संरक्षित पारंपरिक समुदायों तथा घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजातियों पर लागू नहीं होगा।
  • विवाह और तलाक के कड़े नियम: बहु-विवाह और तीन तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा और केवल एक विवाह ही कानूनी रूप से मान्य होगा। पुरुषों की न्यूनतम विवाह आयु 21 वर्ष और महिलाओं की 18 वर्ष तय की गई है। इसके अलावा विवाह और तलाक दोनों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा, जबकि मौखिक तलाक और ‘निकाह हलाला’ को दंडनीय अपराध माना गया है।
  • बच्चों और संपत्ति में समान अधिकार: ‘अवैध संतान’ की अवधारणा खत्म कर दी गई है। विवाह, लिव-इन, गोद लेने या सरोगेसी से जन्मे सभी बच्चों को समान कानूनी दर्जा मिलेगा। साथ ही, बेटा-बेटी दोनों को संपत्ति में बराबर का उत्तराधिकार अधिकार दिया गया है।
  • लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कड़े प्रावधान: लिव-इन में रहने वाले जोड़ों को एक महीने के अंदर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। शादीशुदा होने के बावजूद लिव-इन में रहने पर 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। वहीं बिना पंजीयन लिव-इन में रहने या गलत जानकारी देने पर जेल और जुर्माने की व्यवस्था की गई है।

 

कांग्रेस विधायक आतिफ अकील काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे

इस बिल के विरोध में कांग्रेस विधायक आतिफ अकील काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे, वहीं विधायक आरिफ मसूद ने सरकार पर ‘चोरों की तरह बिल पेश करने’ का आरोप लगाया। मोहन यादव सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.