भोपाल: PM Mitra Parks: मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम मित्रा पार्क योजना के तहत प्रदेश को 2100 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक परियोजना की मंजूरी दी गई है। यह देश का अपनी तरह का पहला एकीकृत टेक्सटाइल पार्क होगा जो न केवल टेक्सटाइल उद्योग को नया जीवन देगा बल्कि लाखों लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगा।
यह पार्क धार जिले के बदनावर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा जो पीथमपुर से लगभग 76 किमी दूर स्थित है। यह पार्क 2100 एकड़ में फैला होगा और इसे आधुनिक तकनीक से तैयार किया जाएगा। इस पार्क की प्रमुख विशेषताएं जीरो लिक्विड डिस्चार्ज यानी शून्य अपशिष्ट जल निकासी संयंत्र, सौर ऊर्जा आधारित पॉवर प्लांट, प्लग एंड प्ले टेक्नोलॉजी आधारित उत्पादन इकाइयां,श्रमिकों के लिए आवासीय सुविधाएं, स्मार्ट कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक सपोर्ट होगी।
सरकार ने सभी निर्माण कार्यों को 14 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे जल्द से जल्द उत्पादन शुरू किया जा सके। यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक क्षमता को नई दिशा देगी। इस परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश को केंद्र से 500 करोड़ रुपये की ग्रांट भी प्राप्त होगी। इसके साथ ही लगभग 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
यह टेक्सटाइल पार्क प्रदेश को एक नई औद्योगिक पहचान देगा और निर्यात को भी नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को “मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास का मील का पत्थर” बताया है।
PM Mitra यानी "Pradhan Mantri Mega Integrated Textile Region and Apparel" एक सरकारी योजना है जिसके तहत आधुनिक टेक्सटाइल पार्क बनाए जाते हैं। इसका उद्देश्य कपड़ा उद्योग को एकीकृत सुविधाएं देकर प्रतिस्पर्धी बनाना है।
"PM Mitra Textile Park मध्यप्रदेश में कहां बनेगा?"
यह पार्क धार जिले के बदनावर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जो पीथमपुर से लगभग 76 किलोमीटर दूर स्थित है।
PM Mitra Textile Park से कितने रोजगार मिलेंगे?"
इस परियोजना से लगभग 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
"PM Mitra Textile Park की लागत कितनी है?"
इस पार्क की कुल लागत लगभग 2100 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार से 500 करोड़ रुपये की ग्रांट प्राप्त होगी।
. "PM Mitra Textile Park कब तक बनकर तैयार हो जाएगा?"
सरकार ने निर्माण कार्य को 14 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है ताकि उत्पादन शीघ्र आरंभ हो सके।