(फाइल फोटो के साथ)
मुंबई, 15 जनवरी (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार को कहा कि महाराष्ट्र ‘‘अजीबोगरीब संबंधों’’ के दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां दोस्त, दुश्मन बन जाते हैं और दुश्मन, दोस्त।
अब्दुल्ला ने 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान के बीच राज्य का दौरा किया।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के एक साथ आने और अंबरनाथ तथा अकोट में भाजपा, कांग्रेस और एआईएमआईएम पार्षदों के चुनाव बाद गठजोड़ का जिक्र करते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि राजनीतिक माहौल ‘‘अजीब’’ हो गया है।
अब्दुल्ला ने यहां ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज’ (आईआईसीटी) का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘न कोई दोस्त था, न कोई दुश्मन। दोस्त दुश्मन बन गए और दुश्मन दोस्त तथा अजीबोगरीब रिश्ते बन गए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कहीं कांग्रेस और भाजपा ने हाथ मिलाया। कहीं भाजपा और एआईएमआईएम ने हाथ मिलाया। कहीं एक ही पार्टी के दो धड़े फिर से एक साथ आ गए। इन सबका नतीजों पर क्या असर होगा? मैं भी बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।’’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भगवत की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कि मतदान एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है, अब्दुल्ला ने कहा कि परिवर्तन लाने के लिए जनभागीदारी महत्वपूर्ण है और इसकी शुरुआत नागरिकों के मतदान के लिए बाहर निकलने से होती है।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘बदलाव केवल वही लोग ला सकते हैं जो इसमें भाग लेने के लिए तैयार हों। भाग लेने का मतलब यह नहीं है कि मैं उम्मीदवार के रूप में खड़ा हो जाऊं। भाग लेने का मतलब यह भी होता है कि मैं कम से कम बाहर आकर अपने वोट का इस्तेमाल करूं।’’
भाषा देवेंद्र सुरेश
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