अमरावती/हैदराबाद, सात अप्रैल (भाषा) युवजन श्रमिक रायतु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेताओं ने एक मीडिया संस्थान द्वारा प्रकाशित कुछ लेखों पर चिंता व्यक्त करते हुए मंगलवार को हैदराबाद में प्रदर्शन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि लेखों में उनकी पार्टी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां हैं।
हालांकि, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने वाईएसआरसीपी के प्रदर्शन की निंदा करते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
वाईएसआरसीपी के नेता अपना विरोध जताते हुए मीडिया संस्थान के पास जमा हुए और नारे लगाते हुए कहा कि लेख की विषयवस्तु अनुचित थी और जिम्मेदार मीडिया प्रथाओं के अनुरूप नहीं थी।
विपक्षी दल के एक नेता ने पत्रकारों से कहा, ‘‘वाईएसआरसीपी पार्टी के खिलाफ कुछ लेखों पर चिंता व्यक्त करते हुए हैदराबाद में प्रदर्शन कर रही है। इन लेखों की सामग्री अनुचित थी और जिम्मेदार मीडिया प्रथाओं के अनुरूप नहीं थी।’’
उन्होंने कहा कि ये लेख आपत्तिजनक हैं और नैतिक पत्रकारिता पर बुरा असर डालते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की सामग्री जनता को गुमराह करती है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।
विपक्षी नेता ने पत्रकारिता में मर्यादा और जवाबदेही बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। वाईएसआरसीपी नेताओं ने कहा कि मीडिया संस्थानों को नैतिक मानकों का पालन करना चाहिए और अशांति पैदा करने वाली सामग्री प्रकाशित करने से बचना चाहिए।
वहीं, नायडू ने कहा, ‘‘वाईएसआरसीपी नेताओं की ऐसी हरकतें प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला हैं और मीडिया संस्थानों के खिलाफ धमकियों के एक पैटर्न को उजागर करती हैं।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायकों और पूर्व मंत्रियों की ऐसे विरोध प्रदर्शनों में भागीदारी एक ‘‘विषाक्त राजनीतिक संस्कृति’ को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनों और धमकियों के माध्यम से मीडिया को डराने-धमकाने के प्रयासों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाषा आशीष सुरेश
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