Aaj Ka Panchang 17 March 2026: मासिक शिवरात्रि, रंग तेरस और कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, जानिए दिनभर के शुभ-अशुभ मुहूर्त

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Aaj Ka Panchang 17 March 2026: 17 मार्च 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 9:23 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

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  • Publish Date - March 17, 2026 / 07:13 AM IST,
    Updated On - March 17, 2026 / 07:21 AM IST

panchang today/ image source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व
  • त्रयोदशी से चतुर्दशी तिथि परिवर्तन
  • कुंभ राशि में चंद्रमा संचार

Aaj Ka Panchang 17 March 2026: 17 मार्च 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 9:23 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। इस दिन विशेष रूप से मासिक शिवरात्रि और रंग तेरस जैसे महत्वपूर्ण व्रत और पर्व मनाए जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज भद्रा, पंचक, साध्य योग और आडल योग का भी संयोग बन रहा है, जो इस दिन को और अधिक खास बनाता है। श्रद्धालुओं के लिए यह दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

Aaj Ka Panchang: क्या कहता है आज का पंचांग

आज के दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी विशेष महत्व रखती है। चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में संचरण करेगा, जबकि सूर्य मीन राशि में स्थित रहेगा। नक्षत्र की बात करें तो शतभिषा नक्षत्र सुबह 6:22 बजे तक रहेगा, जिसके बाद पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग की स्थिति में सिद्ध योग सुबह 8:14 बजे तक रहेगा, जिसके बाद साध्य योग शुरू हो जाएगा। ये सभी योग धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए शुभ माने जाते हैं, हालांकि भद्रा और पंचक के कारण कुछ कार्यों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

Panchang 17 March: यह हैं आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त

दिन की शुरुआत सूर्योदय के साथ सुबह 6:32 बजे होगी और सूर्यास्त शाम 6:26 बजे होगा। वहीं चंद्रमा का उदय सुबह 5:20 बजे और अस्त शाम 4:54 बजे होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:55 बजे से 5:43 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और पूजा के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा, जिसमें कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। गोधूलि और अमृत काल भी आज विशेष फलदायी माने गए हैं।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 3:27 बजे से 4:57 बजे तक रहेगा, जबकि यमगंड सुबह 9:30 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा। कुलिक काल 12:29 बजे से 1:58 बजे तक रहेगा और दुर्मुहूर्त सुबह 8:55 बजे से 9:42 बजे तक तथा देर रात 11:16 बजे से 12:04 बजे तक रहेगा। इन समयों में किसी भी नए या शुभ कार्य को शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

मासिक शिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा का महत्व है। इस दिन निशा काल में पूजा का शुभ मुहूर्त रात 12:06 बजे से 12:55 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस समय भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसके अलावा रंग तेरस के कारण होली उत्सव की भी विशेष छटा देखने को मिलेगी।

आज कौन-सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी से चतुर्दशी आरंभ

आज कौन-सा प्रमुख व्रत है?

मासिक शिवरात्रि और रंग तेरस

चंद्रमा किस राशि में है?

कुंभ राशि में संचार