पटना, 28 अक्टूबर (भाषा) विपक्षी गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘‘पुतला’’ बनाकर रखा है।
घोषणापत्र जारी करने के बाद संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी ने कहा, ‘‘हम नीतीश कुमार के प्रति पूरी सहानुभूति रखते हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) केवल उनके चेहरे का इस्तेमाल कर रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘महागठबंधन ने पहले ही बता दिया है कि उसका मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री कौन होगा, लेकिन राजग की ओर से इस पद को लेकर अब तक कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है।’’
महागठबंधन के घोषणापत्र पर राजग नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने महागठबंधन द्वारा जारी घोषणापत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि तेजस्वी यादव सपने बेचने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘महागठबंधन ने झूठे वादों का पुलिंदा घोषणापत्र के नाम पर जारी किया है। बिहार की जनता जानती है कि ये लोग सिर्फ वादे करते हैं और वादे के नाम पर बिहार में एक बार फिर से जंगल राज स्थापित करना चाहते हैं।’’
राय ने कहा, ‘‘महागठबंधन के घोषणापत्र में कोई हकीकत नहीं है। असलियत यह है कि इसके जरिए वे बिहार में फिर से जंगलराज स्थापित करने के सपने देख रहे हैं। लेकिन बिहार की जनता सब जानती है-कौन बिहार का विकास करेगा और कौन विनाश करेगा। यही वजह है कि 14 नवंबर को बिहार में एक बार फिर राजग की सरकार बनने जा रही है।’’
केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, ‘‘जब सत्ता में (महागठबंधन को)आना ही नहीं है तो झूठ बोलने में क्या जाता है। अभी तो इन्होंने परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की बात कही है। और भी झूठ बोलने में आ जाएं तो हर व्यक्ति को नौकरी देने की बात भी कह देंगे। सब जानते हैं कि यह संभव नहीं है।’’
वहीं, उपमुख्यमंत्री एवं तारापुर से भाजपा उम्मीदवार सम्राट चौधरी ने घोषणापत्र पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘खोदा पहाड़ निकली चुहिया। उन्हें यह बताना चाहिए कि इतनी नौकरियों के लिए पैसा कहां से आएगा? क्या बजट होगा? उन्हें लालू प्रसाद के शासनकाल की अराजकता के लिए माफी भी मांगनी चाहिए।’’
भाषा कैलाश खारी
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