नामांकन की प्रक्रिया शुरू, राजद ने राजग नेताओं को तोड़ा, भाजपा में पूर्व सांसद की वापसी

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नामांकन की प्रक्रिया शुरू, राजद ने राजग नेताओं को तोड़ा, भाजपा में पूर्व सांसद की वापसी

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  • Publish Date - October 10, 2025 / 11:18 PM IST,
    Updated On - October 10, 2025 / 11:18 PM IST

पटना, दस अक्टूबर (भाषा) बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई।

इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को झटका दिया और भाजपा नेतृत्व वाले इस गठबंधन के कम से कम तीन प्रमुख नेताओं को अपने पाले में कर लिया।

‘इंडिया’ गठबंधन की छोटी सहयोगी पार्टियों में हालांकि नाराजगी बढ़ती दिख रही है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने घोषणा की कि उसके दोनों वर्तमान विधायक अगले सप्ताह नामांकन दाखिल करेंगे, जबकि शेष नौ सीट पर सहमति का इंतजार किया जा रहा है जिन पर पार्टी चुनाव लड़ना चाहती है।

अब तक केवल प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने ही अपने कुछ उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक किए हैं।

पहले चरण में 121 सीट पर मतदान होना है। पहले दिन केवल दो उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया, जिनमें से कोई भी किसी मान्यता प्राप्त दल से नहीं था।

इस बीच राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी में जदयू छोड़ने वाले दो बार के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा का स्वागत किया। कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी से नाता तोड़ लिया।

कुशवाहा के साथ पूर्व जदयू के विधायक राहुल शर्मा और लोक जनशक्ति पार्टी (चिराग गुट) के पूर्व प्रत्याशी अजय कुशवाहा ने भी राजद का दामन थाम लिया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार की तैयारी जताते हुए दावा किया कि अगले कुछ दिनों में कांग्रेस और राजद के आधा दर्जन विधायक भाजपा में शामिल होंगे।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने यह दावा तब किया जब उन्होंने पूर्व सांसद अजय निषाद का पार्टी में स्वागत किया। निषाद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में मुजफ्फरपुर से चुनाव लड़ा था, जब भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था, जबकि वह दो बार उसी सीट से भाजपा सांसद रह चुके थे।

जायसवाल ने यह खुलासा नहीं किया कि ये छह विधायक कौन हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में कयास हैं कि राजद के चार और कांग्रेस के दो विधायक अब औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो सकते हैं, इन्होंने पिछले वर्ष राजग का रुख किया था । इनमें से कुछ को पिछली बार ‘इंडिया’ गठबंधन से जीती सीट पर फिर से टिकट भी मिल सकता है।

बृहस्पतिवार से अब तक राजद और कांग्रेस के तीन विधायकों ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा भी दे दिया है।

इस बीच, सीट बंटवारे को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन में मतभेद बरकरार हैं। माकपा ने घोषणा की कि उसके विधायक सत्येंद्र यादव और अजय कुमार 14 और 16 अक्टूबर को ‘‘महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार’’ के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे।

यह घोषणा पार्टी महासचिव एम. ए. बेबी की मौजूदगी में की गई। बेबी ने बृहस्पतिवार रात देर से तेजस्वी यादव से मुलाकात कर चुनाव रणनीति पर चर्चा की थी।

पार्टी ने कहा कि वह कुल ‘‘11 सीट’’ पर चुनाव लड़ना चाहती है, जो पिछली बार (चार) की तुलना में दोगुनी से भी अधिक है। उसने कहा कि शेष सीटों पर फैसला ‘‘सहयोगियों की सहमति’’ से किया जाएगा।

वामपंथी सहयोगी भाकपा भी दो ही विधायक हैं । उसने कहा कि वह ‘‘24 सीट’’ पर मजबूत स्थिति में है।

भाकपा महासचिव डी. राजा ने बताया कि इन सीट की सूची तेजस्वी यादव को ‘‘विचारार्थ सौंप दी गई है’’।

इस बीच, सबकी निगाहें अब प्रशांत किशोर पर हैं, जो शनिवार को राघोपुर (तेजस्वी यादव का गृह क्षेत्र) से अपनी पार्टी के अभियान की शुरुआत करने वाले हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि 47 वर्षीय किशोर खुद तेजस्वी के खिलाफ चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।

जन सुराज पार्टी ने बृहस्पतिवार को अपने 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। जब पत्रकारों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से किशोर की संभावित उम्मीदवारी पर सवाल किया, तो उन्होंने कहा, ‘‘हम हर कुछ दिनों में नई सूचियां जारी करेंगे। जब राघोपुर की बारी आएगी, तब आपको पता चल जाएगा कि उम्मीदवार कौन होगा।’’

भाषा कैलाश

राजकुमार

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