Dharmendra Pradhan New Post After Resignation ||| Image- Newsonair FILE
नई दिल्ली: शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद धर्मेंद्र प्रधान की नई भूमिका को लेकर सवाल पूछे जा रहे है। शिक्षा मंत्री के पद से मुक्त होने के बाद लोग जानना चाहते है कि, पार्टी क्या उन्हें कोई दूसरा मंत्रालय सौंपेगी या फिर संगठन में जगह देते हुए कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। (Dharmendra Pradhan New Post After Resignation) हालाँकि सूत्रों से जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक़ पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह ने धर्मेंद्र प्रधान को लेकर बड़ी प्लानिंग कर ली है।
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खबर है कि धर्मेंद्र प्रधान को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी का चुनाव प्रभारी बनाया जा सकता है। बता दें कि, वह पहले भी बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक जैसे राज्यों में पार्टी के चुनाव प्रभारी रह चुके हैं और कई चुनावों में भाजपा की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
संसद पहुंचने पर जयराम रमेश ने धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर उनके इस्तीफे पर सहानुभूति जताई। इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने मुस्कुराते हुए कहा, “कुछ नहीं हुआ। मैं सड़क का लड़ाका हूं, एसी कमरे का एक्टिविस्ट नहीं।” (Dharmendra Pradhan New Post After Resignation) उनके इस बयान को भाजपा नेताओं ने राजनीतिक संदेश के रूप में देखा। पार्टी का मानना है कि इस्तीफे के बावजूद धर्मेंद्र प्रधान पूरी मजबूती के साथ सियासत में सक्रिय रहेंगे।
संसद के मकर द्वार पर एनडीए के कई सांसद धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत के लिए पहले से मौजूद थे। उन्होंने उनका अभिनंदन किया और सम्मान में एक पारंपरिक टोपी भी पहनाई। एक भाजपा सांसद ने कहा कि शायद यह पहला मौका है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने बिना किसी व्यक्तिगत आरोप के इस्तीफा दिया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा नेतृत्व खुलकर उनके समर्थन में सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके आवास पहुंचकर मुलाकात की, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनका इस्तीफा राजनीतिक कमजोरी नहीं, बल्कि जवाबदेही और राष्ट्रीय हित में उठाया गया कदम है।
धर्मेंद्र प्रधान वर्ष 2014 से लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट का हिस्सा रहे हैं। उनका जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचर में हुआ और उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की। (Dharmendra Pradhan New Post After Resignation) उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बने। 2004 में वे पहली बार लोकसभा सांसद चुने गए।
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मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्होंने पेट्रोलियम एवं कौशल विकास मंत्री के रूप में काम किया। दूसरे कार्यकाल में उन्होंने पेट्रोलियम और इस्पात मंत्रालय संभालने के बाद 2021 से शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। तीसरे कार्यकाल में भी वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री रहे।
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