ओडिशा इस्पात उद्योग का लौह अयस्क की बढ़ती कीमतों से उबारना का आग्रह

ओडिशा इस्पात उद्योग का लौह अयस्क की बढ़ती कीमतों से उबारना का आग्रह

ओडिशा इस्पात उद्योग का लौह अयस्क की बढ़ती कीमतों से उबारना का आग्रह
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: June 27, 2021 11:47 am IST

जाजपुर (ओडिशा) 27 जून (भाषा) कच्चे माल की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि का सामना कर रहे ओडिशा इस्पात उद्योगों ने राज्य सरकार से लौह अयस्क की बढ़ती कीमतों से उद्योग को उबारने का आग्रह किया है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ओडिशा में लौह अयस्क का उत्पादन 2019-20 में हुए 14.2 करोड़ टन से 3.1 करोड़ टन घटकर 2020-21 वित्तीय वर्ष में 11.1 करोड़ टन रहा।

कम उत्पादन और निर्यात में वृद्धि के कारण, स्थानीय उद्योगों को पिछले साल जून में 2,200 रुपये प्रति टन की तुलना में लगभग 10,000 रुपये प्रति टन लौह अयस्क खरीदना पड़ रहा है।

उन्होंने दावा किया कि लौह अयस्क की कीमत में बेहताशा वृद्धि के कारण, कई इकाइयां बंद हो गई हैं या बंद होने की कगार पर हैं।

उड़ीसा स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन और कलिंग नगर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन जैसे उद्योग निकाय पहले ही लौह अयस्क की कीमतों को उचित स्तर पर रखने के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, मुख्य सचिव तथा इस्पात एवं खान सचिव के समक्ष यह मामला उठा चुके हैं। ताकि लौह और इस्पात उद्योग राज्य में जीवित रह सके और कुछ लाभ बना सकते हैं।

कलिंग नगर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पीएल कंडोई ने कहा, ‘‘लौह अयस्क के उत्पादन को बढ़ाना चाहिए तथा खुद के इस्तेमला के लिए खान प्राप्त कर चुके लोगों को नीलामी में भाग नहीं लेना चाहिए।’’

ओडिशा स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश डालमिया ने भी मौजूदा नीलामी प्रक्रिया का विरोध करते हुए कहा कि राज्य के स्वामित्व वाली ओएमसी द्वारा लौह अयस्क की नीलामी मासिक और द्विमासिक आधार पर की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि नीलामी के दौरान 80 प्रतिशत लौह अयस्क को ओडिशा के इस्पात उद्योग के लिए रखा जाना चाहिए।

भाषा जतिन मनोहर

मनोहर


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