नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) खाद्य वस्तुओं की कीमतों में मजबूती के कारण दिसंबर महीने में खेतिहर और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति में क्रमशः 0.04 प्रतिशत और 0.11 प्रतिशत की मामूली वृद्धि दर्ज की गई। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
श्रम मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-कृषि श्रमिक (सीपीआई-एल) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-ग्रामीण श्रमिक (सीपीआई-आरएल) के रूप में मापी जाने वाली खुदरा मुद्रास्फीति में नवंबर के दौरान क्रमशः 0.66 प्रतिशत और 0.47 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
दिसंबर 2025 में खेतिहर श्रमिकों के लिए खाद्य मुद्रास्फीति में 1.80 प्रतिशत और ग्रामीण श्रमिकों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति में 1.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। नवंबर में इन दोनों श्रेणियों में क्रमशः 2.95 प्रतिशत और 2.70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
दिसंबर महीने में कृषि श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 0.28 अंक घटकर 137.12 पर आ गया, जबकि ग्रामीण श्रमिकों के लिए सूचकांक 0.27 अंक गिरकर 137.03 पर रहा।
पिछले महीने खाद्य सूचकांक में कृषि श्रमिकों (एएल) और ग्रामीण श्रमिकों (आरएल) दोनों श्रेणियों में 0.70-0.70 अंकों की गिरावट आई।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत गठित ‘श्रम ब्यूरो’ ने वर्ष 2019 को आधार वर्ष मानते हुए कृषि और ग्रामीण श्रमिकों के लिए ताजा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आंकड़े जारी किए।
ये सूचकांक 34 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 787 नमूना गांवों से एकत्र किए गए आंकड़ों पर आधारित हैं।
भाषा सुमित प्रेम
प्रेम