बलौदाबाजार: Balodabazar News: एक ओर सरकार शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की बात कर रही है वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत इसके ठीक उलट नज़र आ रही है। कसडोल विकासखंड अंतर्गत नगर पंचायत टुंडरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी से कक्षा 11वीं और 12वीं के लगभग 400 छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
Balodabazar News: विद्यालय में हिंदी, अंग्रेज़ी, भूगोल, रसायन, सामाजिक विज्ञान, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और संस्कृत जैसे 9 प्रमुख विषयों के लिए कोई भी नियमित शिक्षक पदस्थ नहीं है। इससे छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। मंगलवार को स्कूल के करीब 50 छात्रों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर दीपक सोनी से मुलाकात की और शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।
Balodabazar News: छात्रों ने बताया कि हाल ही में जीव विज्ञान पढ़ाने के लिए अस्थायी रूप से नियुक्त किए गए शिक्षक पुष्पेंद्र साहू को भी युक्तियुक्तकरण के तहत उनके मूल पद पर वापस भेज दिया गया है जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। इतना ही नहीं, स्कूल का भवन भी जर्जर हालत में है। छात्रों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वे असुरक्षित भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं और वैकल्पिक व्यवस्थाओं के सहारे शिक्षा जारी रखे हुए हैं। जर्जर भवन को लेकर कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
"बलौदाबाजार शिक्षकों की कमी" से प्रभावित स्कूल कौन सा है?
बलौदाबाजार के कसडोल विकासखंड अंतर्गत नगर पंचायत टुंडरा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे कक्षा 11वीं और 12वीं के करीब 400 छात्र प्रभावित हो रहे हैं।
"बलौदाबाजार शिक्षकों की कमी" में किन विषयों के शिक्षक नहीं हैं?
हिंदी, अंग्रेज़ी, भूगोल, रसायन, सामाजिक विज्ञान, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र और संस्कृत जैसे 9 प्रमुख विषयों के लिए कोई नियमित शिक्षक नहीं है।
क्या "बलौदाबाजार शिक्षकों की कमी" की शिकायत प्रशासन तक पहुंचाई गई है?
हां, प्रभावित छात्रों ने जिला मुख्यालय जाकर कलेक्टर दीपक सोनी से जनदर्शन में मुलाकात कर शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।
बलौदाबाजार शिक्षकों की कमी" के साथ स्कूल भवन की क्या स्थिति है?
विद्यालय का भवन जर्जर हालत में है और छात्रों को असुरक्षित ढांचे में पढ़ाई करनी पड़ रही है। वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे शिक्षा दी जा रही है।
"बलौदाबाजार शिक्षकों की कमी" को लेकर प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
फिलहाल छात्रों की शिकायत पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है, लेकिन शिक्षकों की नियुक्ति या भवन मरम्मत को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है।