सीएपीएफ, एनडीआरएफ कर्मियों को मोटे अनाज वाले व्यंजन परोसे जाएंगे :गृह मंत्रालय

सीएपीएफ, एनडीआरएफ कर्मियों को मोटे अनाज वाले व्यंजन परोसे जाएंगे :गृह मंत्रालय

सीएपीएफ, एनडीआरएफ कर्मियों को मोटे अनाज वाले व्यंजन परोसे जाएंगे :गृह मंत्रालय
Modified Date: May 3, 2023 / 08:03 pm IST
Published Date: May 3, 2023 8:03 pm IST

नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) गृह मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों को भोजन में मोटे अनाज के व्यंजन परोसे जाएंगे।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सभी सुरक्षा बलों के साथ एक विस्तृत चर्चा के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के अनुसार, भोजन में 30 प्रतिशत मोटा अनाज शामिल करने का फैसला किया गया है।

बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष-2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ और एनडीआरएफ के कर्मियों के भोजन में मोटा अनाज शामिल करने का एक महत्वपूर्ण फैसला लिया।

मोटे अनाज को महत्व देने और लोगों को पोषक भोजन मुहैया करने के साथ-साथ एक घरेलू एवं वैश्विक मांग पैदा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किया है।

मोटे अनाज स्वास्थ्य के लिए अच्छे माने जाते हैं और किसानों के लिए लाभकारी तथा पर्यावरण हितैषी हैं। मोटे अनाज सूखा प्रतिरोधी होते हैं और इन्हें उपजाने के लिए कम पानी की जरूरत पड़ती है। इन्हें शुष्क मिट्टी, पर्वतीय क्षेत्रों में आसानी से उपजाया जा सकता है तथा उन्हें कीटों से नुकसान होने का भी कम खतरा रहता है।

मोटे अनाज प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं और ये रेशों (फाइबर) से भरपूर होते हैं। इनमें कैल्शियम, लोहा, फास्फोरस आदि होता है। इस तरह वे एक सैनिक के आहार की पोषक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

बयान में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने सभी सुरक्षा बलों को मोटे अनाज वाली व्यंजन सूची तैयार करने को कहा है। मोटे अनाज केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार, परिसर में स्थित किराने की दुकान और राशन दुकानों में उपलब्ध कराये जाएंगे। सुरक्षा बल रसोइये को मोटे अनाज वाले व्यंजन तैयार करने का प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था करेंगे।

इसमें कहा गया है कि मोटे अनाज के उपयोग के बारे में सैनिकों और उनके परिवार के सदस्यों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए आहार विशेषज्ञ और अन्य एजेंसियों की सेवा ली जाएगी।

बयान के अनुसार, इसके अलावा ‘अपने मोटे अनाज को जानो’ विषय पर विभिन्न कार्यक्रम, प्रदर्शनी, संगोष्ठी, वेबिनार, कार्यशाला आदि का आयोजन किया जाएगा।

भाषा सुभाष पवनेश

पवनेश


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