(फाइल फोटो के साथ)
बेंगलुरु, 31 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री नेता बी एस येदियुरप्पा ने कर्नाटक में विधानसभा उपचुनाव वाले दो निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से मंगलवार को यह कहते हुए कांग्रेस को हराने की अपील की कि सत्तारूढ़ पार्टी के पास ‘प्रचंड बहुमत’ है एवं उपचुनाव में जीत उसे सत्ता के नशे में चूर होकर और अधिक भ्रष्टाचार करने का मौका देगी।
बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में नौ अप्रैल को उपचुनाव होंगे। वरिष्ठ कांग्रेस विधायक एच वाई मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद ये उपचुनाव कराये जा रहे हैं।
येदियुरप्पा ने कहा, ‘‘आज और कल, मैं दावणगेरे में अपने (भाजपा) उम्मीदवार श्रीनिवास के लिए प्रचार करूंगा। पांच और छह अप्रैल को, मैं बागलकोट में अपने उम्मीदवार चरंतिमठ के लिए प्रचार करूंगा। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे उम्मीदवार दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में भारी अंतर से जीतेंगे।’’
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि कर्नाटक में भ्रष्टाचार चरम पर है और मुख्यमंत्री सिद्धरमैया जनकल्याण को भूल चुके हैं एवं राज्य में एक ऐसा प्रशासन चला रहे हैं जो ‘तुगलक दरबार’ जैसा है।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार के पास प्रचंड बहुमत है। अगर वह उपचुनाव में जीती, तो सत्ता के नशे में चूर होकर उसे और अधिक भ्रष्टाचार करने का मौका मिल जाएगा। इसलिए मैं दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं से हाथ जोड़कर अपील करता हूं कि वे भाजपा उम्मीदवारों को दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दिलाकर कांग्रेस को सबक सिखाएं।”
भाजपा ने बागलकोट से पूर्व विधायक वीरभद्रय्या चरंतिमठ को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो 2023 के चुनाव में हार गए थे। पार्टी ने दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी दासकारियप्पा को मैदान में उतारा है।
भाजपा से निष्कासित विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल द्वारा बागलकोट में पार्टी उम्मीदवार चरंतिमठ के लिए प्रचार करने की इच्छा जताए जाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जो भी आए,यह एक अवसर है। मैं इसका स्वागत करता हूं।’’
मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों द्वारा कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने हेतु दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में डेरा डाले रहने की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे हार का डर साफ झलकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जनता से इन्हें सबक सिखाने का अनुरोध करता हूं।’’
जब उनसे राज्य सरकार के उस निर्णय के बारे में पूछा गया जिसमें इस शैक्षणिक वर्ष से एसएसएलसी (10वीं कक्षा) परीक्षा में हिंदी जैसी तीसरी भाषाओं के अंकों को एक ऐसी ग्रेडिंग प्रणाली से बदला जा रहा है जिससे विद्यार्थी के समग्र परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, तो येदियुरप्पा ने कहा कि हिंदी सीखने से कन्नड़वासी पर कोई असर नहीं पड़ेगा । उन्होंने अनुरोध किया कि इस मामले में कोई भ्रम न पैदा किया जाए।
भाषा राजकुमार पवनेश
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