भारत में 2017-20 में बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण के 24 लाख से अधिक मामले आए: इंटरपोल

Ads

भारत में 2017-20 में बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण के 24 लाख से अधिक मामले आए: इंटरपोल

  •  
  • Publish Date - November 17, 2021 / 09:35 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:49 PM IST

online sexual abuse of children

नयी दिल्ली, 17 नवंबर (भाषा) इंटरपोल के आंकड़ों के अनुसार भारत में 2017 से 2020 के बीच तीन साल की अवधि में ऑनलाइन बच्चों के यौन उत्पीड़न के 24 लाख से अधिक मामले सामने आए जिनमें 80 प्रतिशत 14 साल से कम उम्र की लड़कियां थीं। अधिकारियों ने बताया कि इन आंकड़ों को देखकर सीबीआई ने भारत में ऑनलाइन बाल यौन उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) के कथित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है और कई वेबसाइट उसकी निगरानी के दायरे में आ गयी हैं।

इंटरपोल के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि सीएसएएम की विषयवस्तु और उपभोक्ता तेज दर से बढ़ रहे हैं और एक रिपोर्ट के अनुसार एक इंटरनेट सर्च इंजन वेबसाइट पर बाल पोर्नोग्राफी पर 1.16 लाख बार पोर्नोग्राफी सर्च की गयी। सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सोशल मीडिया वेबसाइटों के साथ इस मामले को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत उठाने की योजना बनाई है जिसमें उनकी भूमिका और जवाबदेही की पड़ताल की जाएगी।

read more: सुरक्षाबलों ने एक घंटे में मार गिराए पांच आतंकी, लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों को किया गिरफ्तार

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इंटरपोल के आंकड़े चिंताजनक हैं। इससे ऑनलाइन बाल यौन उत्पीड़न के 24 लाख मामलों का पता चला है जिनमें 80 प्रतिशत पीड़ित किशोरियां हैं।’’ सीबीआई का अभियान 50 ऑनलाइन सोशल मीडिया समूहों पर केंद्रित है जिसमें दुनियाभर के 5,000 लोग सीएसएएम साझा करते हैं। सूत्रों ने कहा कि समूहों में पाकिस्तान के 36, कनाडा के 35, अमेरिका के 35, बांग्लादेश के 31, श्रीलंका के 30, नाइजीरिया के 28, अजरबैजान के 27, यमन के 24 और मलेशिया के 22 सदस्य हैं।

read more: कानून तय करेगा कि खालिदा जिया इलाज के लिए विदेश जा सकती हैं या नहीं: प्रधानमंत्री हसीना

केंद्रीय एजेंसी अब इन देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ तालमेल के साथ काम करेगी ताकि आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा सके तथा बच्चों के यौन उत्पीड़न से संबंधित ऑनलाइन सामग्री के स्रोत का पता चल सके। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सीबीआई सहयोगी एजेंसियों के साथ औपचारिक तथा अनौपचारिक माध्यम से समन्वय कर रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े अपने बैंक खातों में नियमित आय प्राप्त कर रहे हैं।’’

सीबीआई ने 14 राज्यों में एक व्यापक धरपकड़ अभियान के तहत 77 जगहों पर छापे मारे और सात लोगों को गिरफ्तार किया। एजेंसी ने 14 नवंबर को बाल दिवस के मौके पर बड़ा अभियान छेड़ा था। इस दौरान अगले दिन तक 83 आरोपियों के खिलाफ 23 अलग-अलग प्राथमिकियां दर्ज की गयीं।