नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद संजय झा ने बिहार में कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) व्यवस्था खत्म करने के लिए राज्यसभा सदस्य और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए बुधवार को कहा कि इस कदम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खातों में मिलने लगा।
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान झा ने नीतीश कुमार के दो दशक से अधिक समय बाद संसद में लौटने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुमार ने उनसे कहा था कि बतौर सांसद उनके पहले के कार्यकाल में सदन में इस तरह के व्यवधान देखने को नहीं मिलते थे।
झा ने कहा, ‘‘नीतीश जी अब राज्यसभा में हैं… उन्होंने 2005 में संसद छोड़ी थी और 20 साल से अधिक समय बाद वापस आए हैं।’’
नीतीश कुमार उनके बगल में बैठे थे।
झा ने बताया कि नीतीश कुमार ने यह भी जिक्र किया कि उनके पहले के कार्यकाल में संसद में इस तरह के विरोध प्रदर्शन नहीं होते थे।
बिहार में सहकारिता क्षेत्र में नीतीश कुमार के कामकाज की सराहना करते हुए झा ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद 2006 में राज्य में एपीएमसी व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘बिहार में 2006 में नीतीश जी ने एपीएमसी व्यवस्था खत्म की, जिसमें बिचौलियों की भूमिका थी। आज अनाज की खरीद प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के माध्यम से होती है और किसानों को पैसा सीधे उनके बैंक खातों में मिलता है। यह बिहार में उनके द्वारा किया गया बदलाव है।’’
झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार के सहकारी क्षेत्र में ‘‘क्रांतिकारी काम’’ किया है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक बिहार के मखाना किसानों के लिए भी फायदेमंद होगा, क्योंकि इससे किसानों को बाजारों से जोड़ने और खेतों को कारखानों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
नीतीश कुमार अप्रैल 2026 में बिहार से निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए। यह सीट भाजपा के विवेक ठाकुर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिन्होंने 2024 में नवादा से लोकसभा चुनाव जीता था। नीतीश कुमार ने 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी।
भाषा मनीषा अविनाश
अविनाश