ओडिशा पंचायत चुनाव पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व विधायक, सॉफ्टवेयर इंजीनियर आजमा रहे किस्मत

ओडिशा पंचायत चुनाव पूर्व कैबिनेट मंत्री, पूर्व विधायक, सॉफ्टवेयर इंजीनियर आजमा रहे किस्मत

: , January 27, 2022 / 06:02 PM IST

भुवनेश्वर, 27 जनवरी (भाषा) ओडिशा में होने वाले पंचायत चुनाव में राज्य के एक पूर्व कैबिनेट मंत्री, दो पूर्व विधायक, कनाडा से लौटे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, एक डॉक्टर, एमबीए छात्र, पूर्व जवान और ऐसे कई लोग अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।

पूर्व कैबिनेट मंत्री और तीन बार विधायक रह चुकीं अंजलि बेहेरा ने ढेंकानाल जिले के हिंडोल ब्लॉक के अंतर्गत गिरिधरप्रसाद ग्राम पंचायत से पंचायत समिति सदस्य के पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। वह बीजू जनता दल से वर्ष 2000, 2004, और 2009 में विधायक रह चुकी हैं और सत्तारूढ़ पार्टी से निकाले जाने से पहले 2009 से 2012 तक वह महिला एवं बाल कल्याण विकास मंत्री थीं।

निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 2014 का चुनाव हारने के बाद, बेहेरा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गई थीं। उन्होंने कहा, “मेरे पिता त्रिनाथ नाइक एक मंत्री थे। मैं एक राजनीतिक परिवार से आती हूं इसलिए मेरे जीवन का लक्ष्य, किसी पद के लिए नहीं, बल्कि लोगों के लिए काम करना है। पंचायत समिति के लिए चुनाव लड़ना बुरा नहीं है। मुझे हिंडोल ब्लॉक का अध्यक्ष भी चुना जा सकता है।”

भण्डारीपोखरी निर्वाचन क्षेत्र से एक पूर्व विधायक प्रफुल्ल जेना ने भद्रक जिले में जिला परिषद सदस्य के लिए नामांकन भरा है। उन्होंने कहा, “पार्टी ने मुझे चुनाव में प्रत्याशी बनाया है क्योंकि मैं एक अनुशासित सैनिक हूं, मैं जिला परिषद पद के लिए लड़ रहा हूं। मेरा उद्देश्य भद्रक जिले में बीजद को और मजबूत करना है।” कनाडा में काम कर चुके सॉफ्टवेयर इंजीनियर रतिकांत पांडा ने भी बीजद के टिकट पर नवरंगपुर जिले से जिला परिषद चुनाव के लिए पर्चा दाखिल किया है।

पांडा ने कहा, “मैंने अपने और परिवार के लिए पैसा कमा लिया है। अब मैं अपने जिले के लोगों की सेवा करना चाहता हूं जिन्हे कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में विकास चाहिए। मुझे लगता है कि मैं तकनीक के प्रयोग से उनकी बेहतर सेवा कर सकता हूं।” इसी प्रकार एक अन्य आईटी पेशेवर संतोष प्रधान पुरी जिले के ब्रह्मगिरि इलाके से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा, “नौकरी करना मेरे लिए कठिन नहीं है लेकिन लोगों को आत्मनिर्भर बनाना एक चुनौती है जो मैं लेना चाहता हूं।” लिपिका माझी भुवनेश्वर के निजी अस्पताल में काम करने वाली एक युवा दंत चिकित्सक हैं जिन्होंने नवरंगपुर जिले के पापड़ाहांडी ब्लॉक से जिला परिषद सदस्य के लिए नामांकन भरा है। इसी प्रकार उत्कल विश्वविद्यालय में एमबीए द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रज्ञा पारमिता जेना ने बालासोर जिले में जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने के वास्ते पर्चा दाखिल किया है।

सन 1971 के युद्ध में भाग लेचुके 72 वर्षीय पूर्व सैनिक दुर्योधन मोहंती और सीआरपीएफ के पूर्व जवान जॉर्ज विलियम लुगून भी पंचायत चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य में 16 फरवरी से 24 फरवरी के बीच पांच चरणों में पंचायत चुनाव होने हैं।

भाषा यश पवनेश

पवनेश

 

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