पंजाब : पांचवीं कक्षा के प्रश्न पत्र में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का जिक्र, विपक्ष हुआ हमलावर

पंजाब : पांचवीं कक्षा के प्रश्न पत्र में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का जिक्र, विपक्ष हुआ हमलावर

Edited By: , September 13, 2021 / 03:38 PM IST

चंडीगढ़, 13 सितंबर (भाषा) पंजाब में पांचवीं कक्षा की परीक्षा में सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से संबंधित एक विज्ञापन और प्रश्नों के उल्लेख पर शिक्षकों के एक संगठन और विपक्षी पार्टियों-शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) और आम आदमी पार्टी (आप) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

एक शिक्षक ने सोमवार को बताया कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने पर सरकारी विज्ञापन पांचवीं कक्षा के छात्रों के पंजाबी विषय में शामिल किया गया था और फिर उससे संबंधित प्रश्न पूछे गए। राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) के संबंध में छात्रों को तैयार करने के लिए पांचवीं कक्षा की परीक्षा सोमवार से शुरू हुई। पठन-पाठ की उपलब्धि का आकलन करने के उद्देश्य से एनएएस का आयोजन नवंबर में होगा।

छात्रों से पूछे गए प्रश्नों में से एक सवाल था ‘‘यह विज्ञापन किस बारे में है।’’ एक और सवाल था ‘‘कब बढ़ी हुई सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण शुरू हुआ।’’ राज्य सरकार ने पूर्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 750 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की थी।

डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (पंजाब) के अध्यक्ष विक्रम देव सिंह ने प्रश्न पत्र में विज्ञापन शामिल किए जाने की निंदा की और आरोप लगाया कि सरकार परीक्षाओं के माध्यम से अपनी योजनाओं को प्रचारित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल गलत है। हम इसकी निंदा करते हैं।’’

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने प्रश्न पत्र में कल्याणकारी योजना से संबंधित विज्ञापन को ‘‘अनैतिक कदम’’ बताया। चीमा ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘शिक्षा को शिक्षा ही रहने दो। कल से आप सरकारी विज्ञापन देना शुरू कर देंगे और स्कूली पाठ्य पुस्तकों में मंत्रियों की तस्वीरें डाल देंगे…इसका कोई अंत नहीं है।’’

पंजाब में मुख्य विपक्षी दल आप ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। आप के नेता हरपाल सिंह चीमा ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘यह बेशर्म प्रचार की पराकाष्ठा है। कैप्टन अमरिंदर, आप क्या करने की कोशिश कर रहे हैं? आप अपने झूठे प्रचार से प्रदेश के बच्चों को भी नहीं बख्श रहे हैं। इस तरह के हथकंडे आपको और आपकी पार्टी को कहीं नहीं पहुंचाएंगे।’’

भाषा आशीष मनीषा

मनीषा