यूजीसी ने विश्वविद्यालयों, कालेजों से संकेत भाषा पर जारूकता फैलाने को कहा |

यूजीसी ने विश्वविद्यालयों, कालेजों से संकेत भाषा पर जारूकता फैलाने को कहा

यूजीसी ने विश्वविद्यालयों, कालेजों से संकेत भाषा पर जारूकता फैलाने को कहा

: , September 22, 2022 / 04:43 PM IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के विश्वविद्यालयों एवं कालेजों से 23 सितंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय संकेत भाषा दिवस’ के अवसर पर वाद-विवाद, क्विज सहित विभिन्न प्रतियोगिता आयोजित कर इसके बारे में जागरूकता फैलाने को कहा है।

यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने 22 सितंबर को सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं कालेजों के प्राचार्यो को लिखे पत्र में कहा, ‘‘ सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपने संस्थान के भीतर और बाहर संकेत भाषा को लेकर जागरूकता फैलायें और इसमें अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें।’’

पत्र में आयोग ने ‘संकेत भाषा दिवस’ पर विश्वविद्यालयों एवं कालेजों से कई कार्यक्रम आयोजित करने का अनुरोध किया है । इसके तहत ‘संकेत भाषा हमें एकजुट करती है’ विषय पर कर्मचारियों एवं इसमें हिस्सा लेने वालों से वीडियो रिकार्ड करने को कहा गया है।

इसके अलावा ‘संकेत भाषा दिवस’ पर वाद-विवाद, क्विज सहित अन्य प्रतियोगिता आयोजित करने और जागरूकता फैलाने के लिये सोशल मीडिया क उपयोग करने का भी सुझाव दिया गया है।

इसमें कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 19 दिसंबर 2017 के प्रस्ताव के माध्यम से 23 सितंबर को ‘अंतरराष्ट्रीय संकेत भाषा दिवस’ घोषित किया था । संकेत भाषा के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिये ‘वर्ल्ड फेडरेशन आफ द डैफ’ हर वर्ष संकेत भाषा दिवस आयोजित करने के लिये किसी विषय का सुझाव देती है । इस वर्ष का विषय है-‘संकेत भाषा हमें एकजुट करती है’ ।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन के सशक्तिकरण से जुड़े विभाग ने 23 सितंबर को संकेत भाषा दिवस को आजादी के अमृत महोत्सव के तहत मनाने का निर्णय किया है । संकेत भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए 19 से 25 सितंबर तक ‘अंतरराष्ट्रीय मूक बधिर सप्ताह’ मनाया जा रहा है और इसका मुख्य कार्यक्रम 23 सितंबर को आयोजित किया जायेगा ।

भाषा दीपक

दीपक नरेश

नरेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)