नयी शिक्षा नीति के जरिए खेल और शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा दिया गया : प्रधान

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नयी शिक्षा नीति के जरिए खेल और शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा दिया गया : प्रधान

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 01:22 PM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 01:22 PM IST

भोपाल, 13 जून (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को यहां निशानेबाजी की एक अकादमी में खिलाड़ियों से संवाद किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नयी शिक्षा नीति (एनईपी) के माध्यम से खेल और शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देने का काम किया है।

प्रधान ने मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के साथ खिलाड़ियों से मुलाकात की। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया।

प्रधान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में पहली बार कौशल आधारित कार्यों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रभावी पहल की गई है।’’

उन्होंने कहा कि खेल और पढ़ाई को साथ-साथ आगे बढ़ाने के लिए अलग पाठ्यक्रम विकसित किया जा रहा है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधान ने कहा कि खिलाड़ियों की ‘अपार आईडी’ के माध्यम से उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और खेल उपलब्धियों को जोड़ा जाएगा। साथ ही अंतर-खेल गतिविधियों को भी क्रेडिट स्कोर से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहली बार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) जैसे संस्थानों में खेल कोटा शुरू किया है।

प्रधान ने कहा, ‘‘अगले 20 वर्षों में हमें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना है। वर्ष 2036 के ओलंपिक हमारे लक्ष्य का हिस्सा हैं।’’

इससे पहले प्रधान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनके निवास पर मुलाकात की।

प्रधान ने कहा, ‘‘जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब भारत एक विकसित राष्ट्र और वैश्विक महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ेगा।’’

बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री यादव ने प्रधान को बाबा महाकाल की प्रतिकृति भेंट की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा क्षेत्र की विभिन्न पहलों, नयी शिक्षा नीति के क्रियान्वयन तथा कौशल विकास गतिविधियों की जानकारी दी।

प्रधान ने शिक्षा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की।

यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल शिक्षण और रोजगारोन्मुख कौशल विकास को प्राथमिकता दे रही है।

भाषा दिमो शोभना

शोभना