मुंबई, 24 जनवरी (भाषा) करीब 10 साल के अंतराल के बाद अभिनय में वापसी करने वाले अभिनेता इमरान खान ने कहा है करियर के शुरुआती दौर में रोहित शेट्टी और राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने उनसे ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘दिल्ली 6’ जैसी फिल्मों के लिए संपर्क किया था, लेकिन उस समय बात नहीं बन पाई।
हाल ही में फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ में कैमियो के जरिए वापसी करने वाले इमरान ने बताया कि निर्देशक विक्रमादित्य मोटवाने ने भी ‘भावेश जोशी’ के लिए उनसे संपर्क किया था, लेकिन यह भूमिका अंततः अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर को मिली।
अभिनेता ने बताया कि 2006-2007 में उन्होंने ‘जाने तू…या जाने ना’ से अपने डेब्यू से पहले ‘दिल्ली 6’ के लिए ऑडिशन दिया था।
उन्होंने कहा कि उनके उत्साह के बावजूद फिल्म निर्माताओं ने उनसे ज़्यादा मशहूर अभिनेताओं को प्राथमिकता दी।
इमरान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में बताया, “कई बार ऐसा हुआ है कि कई फिल्में बन ही नहीं पाईं। मेहरा के साथ भी ऐसा ही हुआ था, ‘दिल्ली 6’। उस समय तक मैंने कोई फिल्म नहीं बनाई थी, मैंने मुख्य भूमिका के लिए ऑडिशन दिया था। लेकिन उस समय वे एक नए, अनुभवहीन और अप्रशिक्षित व्यक्ति पर पैसा लगाना नहीं चाहते थे।”
इमरान ने वर्ष 2008 में ‘जाने तू…या जाने ना’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की और उसके बाद ‘आई हेट लव स्टोरीज़’, ‘ब्रेक के बाद’, ‘मेरे ब्रदर की दुल्हन’, ‘एक मैं और एक तू’ जैसी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों और ‘दिल्ली बेली’ जैसी एक्शन-कॉमेडी फिल्मों में काम किया।
मेहरा की फिल्म ‘दिल्ली 6’ जिसमें अभिषेक बच्चन मुख्य भूमिका में थे, एक भारतीय मूल के अमेरिकी लड़के की कहानी है, जो अपनी बीमार दादी को साथ लेकर पहली बार भारत आता है, लेकिन सांप्रदायिक तनाव में फंस जाता है। वर्ष 2009 में रिलीज हुई इस फिल्म को आलोचकों से मिली-जुली समीक्षाएं मिलीं और यह बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी।
इमरान ने याद किया कि जब उन्होंने पहली बार ‘दिल्ली 6’ की कहानी सुनी, तो वे काफी उत्साहित थे और मुख्य किरदार के कुछ पहलुओं से खुद को जुड़ा हुआ महसूस किया।
उन्होंने कहा, ‘मेरा जन्म अमेरिका में हुआ था और मैं दो दुनियाओं के बीच पला-बढ़ा। इसलिए, मैं उन चीजों से जुड़ाव महसूस करता था। इसलिए, मेरी सहज प्रवृत्ति पहले से ही और बाद में भी यही थी, ‘काश मैं उस फिल्म का हिस्सा होता’, मैं उस फिल्म में काम करना चाहता था।’
भाषा
राखी माधव
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