महाड चुनाव हिंसा : मंत्री गोगावाले के बेटे ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया

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महाड चुनाव हिंसा : मंत्री गोगावाले के बेटे ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया

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  • Publish Date - January 23, 2026 / 04:17 PM IST,
    Updated On - January 23, 2026 / 04:17 PM IST

मुंबई, 23 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र की ‘महाड चुनाव हिंसा’ में कार्रवाई न करने पर बंबई उच्च न्यायालय के राज्य सरकार से नाराजगी जताने के एक दिन बाद, शिवसेना नेता एवं राज्य के मंत्री भरत गोगावाले के बेटे विकास गोगावाले ने इस मामले में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

राज्य सरकार ने शुक्रवार को अदालत को बताया कि विकास गोगावाले ने दो दिसंबर को रायगढ़ जिले में नगर पालिका परिषद चुनाव के दौरान हुई झड़प के सिलसिले में महाड पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार से नाखुशी जताते हुए पूछा था कि क्या राज्य में कानून का राज है, और क्या मुख्यमंत्री इतने ‘‘लाचार’’ हैं कि एक कैबिनेट मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते, जिनका बेटा हफ्तों से गिरफ्तारी से बच रहा है।

महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने शुक्रवार को न्यायमूर्ति माधव जामदार की एकल पीठ के सामने कहा कि मामले के सभी आरोपियों ने सुबह महाड पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन आरोपियों में विकास गोगावाले और उसका चचेरा भाई महेश गोगावाले भी शामिल हैं।

अदालत ने बयान स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि विकास गोगावाले, उसके चचेरे भाई महेश और छह अन्य ने महाड थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।

रायगढ़ जिले के महाड में नगरपालिका चुनाव के दौरान एकनाथ शिंदे-नीत शिवसेना और अजित पवार की अगुवाई वाली राकांपा के समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी। शिंदे और पवार दोनों ही भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 (हत्या का प्रयास), 115(2) (जान-बूझकर चोट पहुंचाना) और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामले दर्ज किए थे और शस्त्र अधिनियम भी लगाया था, क्योंकि झड़प के दौरान पिस्तौल लहराई गई थी।

दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और दोनों ओर से प्राथमिकी दर्ज की गईं।

अदालत श्रेयांश जगताप की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रही थी। पिछली सुनवाई में, अदालत ने कहा था कि जुर्म गंभीर है और इसलिए, वह श्रेयांश जगताप को अग्रिम जमानत देने के पक्ष में नहीं है।

इसके आधार पर, श्रेयांश जगताप ने शुक्रवार को अपनी अर्जी वापस ले ली, जिसकी अदालत ने अनुमति दे दी।

सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जामदार ने कहा कि यह मामला महाराष्ट्र के दो उप मुख्यमंत्रियों से जुड़ा है।

न्यायमूर्ति जामदार ने कहा, ‘‘अब पुलिस को उसे (श्रेयांश जगताप को) भी गिरफ्तार करना ही होगा। फर्क सिर्फ इतना है कि वह एक पूर्व मंत्री का बेटा है।’’

विकास और महेश गोगावाले ने भी अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली।

श्रेयांश जगताप को दिसंबर में गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी गई थी।

विकास और महेश गोगावाले दोनों ने जगताप की अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध करते हुए याचिका दायर की थी।

भाषा वैभव सुरेश

सुरेश