गर्भवती वन रक्षक की पिटाई के आरोपी गिरफ्तार, मंत्री ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया

गर्भवती वन रक्षक की पिटाई के आरोपी गिरफ्तार, मंत्री ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया

: , January 20, 2022 / 08:37 PM IST

पुणे (महाराष्ट्र), 20 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के सतारा जिले में एक पूर्व सरपंच और उसकी पत्नी को तीन महीने की गर्भवती महिला वन रक्षक और उसके पति की पिटाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

घटना बुधवार को पुणे से लगभग 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सतारा के पलसावाड़े गांव में हुई। पीड़ित महिला वन रक्षक ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।

पुलिस के मुताबिक, ‘‘आरोपी पूर्व सरपंच रामचंद्र जनकर स्थानीय वन प्रबंधन समिति का सदस्य है। वह पीड़ित महिला वन रक्षक के संविदा वन कर्मियों को ‘बिना उसकी इजाजत’ के अपने साथ ले जाने को लेकर नाराज था।’’

सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ा वीडियो वायरल हो रहा है। महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे ने बृहस्पतिवार को अपने ट्विटर हैंडल पर यह वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा, ‘‘आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’

सतारा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अजय कुमार बंसल ने बताया कि आरोपी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर जिस महिला वन रक्षक की पिटाई की, वह तीन महीने की गर्भवती है। सतारा तालुका पुलिस थाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

बंसल ने कहा, ‘‘चूंकि, महिला वन रक्षक गर्भवती है, लिहाजा उसके भ्रूण की चिकित्सकीय जांच की जाएगी। अगर भ्रूण को किसी तरह का नुकसान पहुंचा होगा तो आरोपियों पर संबंधित धाराएं भी लगाई जाएंगी।’’

पीड़ित महिला वन रक्षक ने संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि आरोपी दंपति ने उसके पति की भी पिटाई की। पीड़ित का पति भी वन रक्षक है।

महिला वनरक्षक ने आरोप लगाया कि आरोपी अक्सर उसे धमकी देते हुए पैसों की मांग करता था। पीड़िता ने कहा, ‘दो दिन पहले भी उसने मुझे धमकी दी थी। बुधवार को जब हम गश्त लगा रहे थे, तभी वह अपनी पत्नी के साथ आया और मेरे साथ गाली-गलौज व मारपीट करने लगा। आरोपियों ने मेरे पति की भी चप्पलों से पिटाई की।’

सतारा तालुका पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ इंस्पेक्टर वी घोड़के ने बताया कि जनकर और उसकी पत्नी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए बल का इस्तेमाल करना), धारा 332 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) व अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भाषा पारुल नरेश

नरेश

 

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