मुंबई, 18 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता नारायण राणे ने रविवार को मुंबई के मेयर पद को लेकर हालिया बयानों पर शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और पार्टी सांसद संजय राउत पर तंज कसा तथा कहा कि जरूरी संख्या बल नहीं होने के बावजूद दोनों हकीकत से दूर कल्पनाओं में जी रहे हैं।
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन से करारी हार मिलने के बाद शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर “भगवान चाहेंगे” तो उनकी पार्टी का मेयर बन सकता है। इससे पहले ठाकरे की पार्टी का 25 वर्षों तक बीएमसी पर दबदबा रहा था।
उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा था, “मुंबई में शिवसेना (उबाठा) का मेयर बनाना मेरा सपना है और अगर भगवान चाहेंगे तो यह सपना पूरा होगा।”
बीएमसी चुनाव में भाजपा ने 89 सीट जीतीं, जबकि उसकी सहयोगी शिंदे नीत शिवसेना को 29 सीट मिलीं। वहीं, शिवसेना (उबाठा) ने 65 सीट जीतीं और उसकी सहयोगी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना को छह सीट मिलीं।
राणे ने सिंधुदुर्ग में पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि ठाकरे अब ईश्वरीय हस्तक्षेप पर भरोसा करने लगे हैं, जबकि राउत पर्दे के पीछे की चर्चाओं के बारे में अस्पष्ट बातें कर रहे हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री राणे ने कहा, “क्या उद्धव ठाकरे अब भगवान पर भरोसा करने लगे हैं? उन्होंने पहले कभी भगवान के सामने हाथ नहीं जोड़े। क्या मेयर आसमान से उतरेगा? बस आंकड़े को देखिए। इतनी बड़ी खाई कैसे पाटी जाएगी?”
शनिवार को ठाकरे ने कहा था कि भाजपा सोचती है कि उसने शिवसेना (उबाठा) को खत्म कर दिया है, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका सपना है कि मुंबई में उनकी पार्टी का मेयर बने।
इस बीच, राउत ने कहा कि कई राजनीतिक खिलाड़ी, जिनमें एकनाथ शिंदे से जुड़े लोग भी शामिल हैं, मुंबई में भाजपा का मेयर नहीं चाहते और चर्चाएं जारी हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई औपचारिक दावा नहीं किया गया।
राणे ने कहा कि ठाकरे निराशा की स्थिति में हैं और उन्हें हकीकत स्वीकार कर लेनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र के 25 नगर निकायों में भाजपा सत्ता में आई है और विपक्ष को अब “समझदारी दिखानी चाहिए तथा घर बैठना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (उबाठा) की दुर्दशा के लिए अकेले ठाकरे जिम्मेदार हैं, क्योंकि अब पार्टी की नाम-मात्र की मौजूदगी रह गई है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के राजनीतिक रुख और बृहन्मुंबई महानगरपालिका में सत्ता गंवाने के लिए भी स्वयं ठाकरे जिम्मेदार हैं।
लोकसभा सदस्य ने संवाददाता सम्मेलन में आगामी सिंधुदुर्ग जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए महायुति का सीट वितरण भी घोषित किया, जिसमें भाजपा, शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि महायुति गठबंधन इन चुनावों में “100 प्रतिशत सफलता” हासिल करेगा।
भाषा अमित नेत्रपाल
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