मुंबई विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर ने तैयार किया 3 साल तक भारतीय भोजन को प्रिजर्व रखने की तकनीक

 Edited By: Renu Nandi

Published on 08 Feb 2019 11:28 AM, Updated On 08 Feb 2019 11:28 AM

मुंबई।मुंबई विश्वविद्यालय की फिजिक्स प्रोफेसर डॉ वैशाली बम्बले को आखिर आज पूरे तीन साल की मेहनत के बाद एक बड़ी सफलता मिल ही गई। जिससे सबसे अधिक लाभ सशस्त्र बलों के जवानों ,अंतरिक्ष यात्रियों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे लोगों को मिलेगा।


दरअसल डॉ वैशाली ने 3 साल तक इडली, उपमा और सफेद ढोकला जैसे भारतीय व्यंजनों को संरक्षित करने के लिए एक तकनीक की खोज की है, जिसमें किसी भी प्रकार का प्रिजर्वेटिव इस्तेमाल नहीं किया गया है।प्रोफ़ेसर बम्बले ने बताया कि उन्होंने इस फ़ूड संरक्षित टेक्नोलॉजी के लिए साल 2013 से काम कर रही थी।जिसमें इलेक्ट्रॉन किरण विकिरण तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने बताया कि ये दुनियां में पहली बार होगा जब पके हुए भोजन पर इस तकनीक का उपयोग किया गया है।


 

इसका उपयोग सशस्त्र बलों, अंतरिक्ष यात्रियों के साथ-साथ प्राकृतिक आपदा वाली जगहों में सबसे अधिक लाभकारी होगा। उन्होंने बताया कि इसे तैयार करने के लिए उन्होंने सबसे पहले उन खाद्य पदार्थो का चयन किया जिनमें प्रोटीन और तेल की मात्रा बहुत कम होती है।अपने रिसर्च के दौरान उन्होंने बहुत से खाद्य पदार्थो पर इस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया। और कल 3.5 साल के बाद इडली खोली जो पूरी तरीके से फ्रेस और ताजा थी। उन्होंने बताया कि कई खाद्य पदार्थों पर प्रयोग किया गया लेकिन उपमा, इडली और सफेद ढोकला में सबसे अच्छे परिणाम मिले।


Web Title : Dr Vaishali Bambole has discovered a technology to preserve Indian cuisines

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