इंदौर नगर निगम ने एमपीसीए कार्यालय पर छापा मारा, टी20 मैच के पास के लिए कार्रवाई का आरोप |

इंदौर नगर निगम ने एमपीसीए कार्यालय पर छापा मारा, टी20 मैच के पास के लिए कार्रवाई का आरोप

इंदौर नगर निगम ने एमपीसीए कार्यालय पर छापा मारा, टी20 मैच के पास के लिए कार्रवाई का आरोप

: , October 4, 2022 / 10:52 PM IST

इंदौर, चार अक्टूबर ( भाषा ) भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 मैच से एक दिन पहले इंदौर नगर निगम ने बकाया करों के भुगतान को लेकर मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (एमपीसीए) के कार्यालय पर छापा मारा है जबकि पदाधिकारियों का दावा है कि मैच के मुफ्त पास लेने के लिये यह हथकंडे अपनाए गए हैं ।

एमपीसीए के अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने पीटीआई को बताया ,‘‘आईएमसी टीम सोमवार की सुबह हमारे कार्यालय पहुंची और बकाया करों के भुगतान की मांग करके अकाउंट्स विभाग में खूब हंगामा किया । वे रोड सेफ्टी सीरीज के मैचों के लिये मनोरंजन कर जमा करने की मांग कर रहे थे जिनका आयोजन एमपीसीए ने नहीं किया था ।’’

उन्होंने कहा कि छापे की कार्रवाई ऐसे समय पर की गई क्योंकि नगर निगम के अधिकारी और मुफ्त पास चाहते थे।

उन्होंने कहा ,‘‘ हमने उन्हें 25 मुफ्त पास दिये और उन्हें और भी चाहिये । यही वजह है कि इतने अहम अंतरराष्ट्रीय मैच से एक दिन पहले उन्होंने छापा मारा ।’’

इंदौर नगर निगमायुक्त लता अग्रवाल ने हालांकि कहा कि एमपीसीए ने ने पिछले पांच साल से कचड़े और पानी का कर नहीं भरा है ।

उन्होंने कहा ,‘‘ हमारे सहायक राजस्व अधिकारी उन्हें पिछले दो महीने से बार बार याद दिला रहे हैं लेकिन उन्होंने कर भरा नहीं ।’’

लेकिन खांडेकर ने इसका उत्तर देते हुए सवाल किया कि क्या उन्होंने इसके लिए पहले कोई नोटिस दिया और मैच से एक दिन पहले इसे क्यों उठा रहे हैं।

मुफ्त पास के लिये छापे के एमपीसीए के आरोप पर अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम शहर की आधी आबादी के लिये टिकट खरीद सकता है और इसके लिये एमपीसीए को धमकाने की जरूरत नहीं है ।

खांडेकर ने कहा कि संपत्ति कर भरने का समय 31 मार्च 2023 तक है लेकिन एमपीसीए ने सोमवार को ही 32 लाख रुपये जमा कर दिये थे ताकि आगे कोई विवाद नहीं हो ।

अग्रवाल ने भी इसकी पुष्टि की कि एमपीसीए ने सोमवार को उनकी टीम के पहुंचने के बाद 32 लाख रुपये संपत्ति कर भरा ।

खांडेकर ने यह भी दावा किया कि आईएमसी उषा राजे ट्रस्ट ग्राउंड के नाम से एसोसिएशन को नोटिस भेज रही थी हालांकि कई बार आईएमसी से अपने रिकॉर्ड में नाम बदलने का अनुरोध किया गया था क्योंकि आडिटर इस पर आपत्ति कर रहे थे।

इस पर अग्रवाल ने कहा कि भूमि क्रिकेट संस्था को उषा राजे ट्रस्ट के नाम पर आवंटित की गई थी जिसका शीर्षक नहीं बदला जा सकता क्योंकि नाम रजिस्ट्री के कागजात के आधार पर दर्ज किया गया है इसलिए यह लंबित था।

खांडेकर ने यह भी आरोप लगाया कि आईएमसी अधिकारी एमपीसीए पर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी20 मैच के लिए मनोरंजन कर का भुगतान करने के लिए भी दबाव डाल रहे हैं हालांकि यह मंगलवार को निर्धारित था और उसे खेला जाना बाकी था।

आईएमसी के वरिष्ठ अधिकारी ने इस आरोप से इनकार किया और कहा कि आईएमसी ने पिछले मैचों के लिए मनोरंजन कर की मांग की थी न कि होने वाले मैच के लिए।

भाषा दिमो राजकुमार सुधीर

सुधीर

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)