ओलंपिक से बाहर होने को पचाना मुश्किल, विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने पर नजरें: चिराग

ओलंपिक से बाहर होने को पचाना मुश्किल, विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने पर नजरें: चिराग

ओलंपिक से बाहर होने को पचाना मुश्किल, विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने पर नजरें: चिराग
Modified Date: November 29, 2022 / 08:38 pm IST
Published Date: August 10, 2021 7:37 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) भारत के शीर्ष पुरुष युगल बैडमिंटन खिलाड़ी चिराग शेट्टी ने मंगलवार को स्वीकार किया कि तोक्यो खेलों से जल्द बाहर होने से उबर पाना मुश्किल था लेकिन कहा कि वह और उनके जोड़ीदार सात्विकसाइराज रंकीरेड्डी ओलंपिक के अनुभव का इस्तेमाल आगामी प्रतियोगिताओं विशेषकर दिसंबर में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने के लिए करेंगे।

चिराग और सात्विक की दुनिया की 10वें नंबर की जोड़ी ने अपने तीन में से दो ग्रुप मैच जीते थे लेकिन इसके बावजूद यह भारतीय जोड़ी नॉकआउट में जगह बनाने में विफल रही।

पंद्रह अगस्त को होने वाली ‘मुंबई अल्ट्रा रन’ के प्रतियोगिता दूत चिराग ने आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘यह हमारे लिए अच्छा और साथ ही दुखद अनुभव रहा क्योंकि हम जल्दी बाहर हो गए।’’

उन्होंने कहा,‘‘पहले दिन जीत के बाद मैंने सोचा था कि हम क्वार्टर फाइनल में पहुंच जाएंगे लेकिन दुर्भाग्य से हमारे सहित तीन जोड़ियों ने दो मैच जीते और आगे जाने वाली टीमों का फैसला गेम जीतने के आधार पर हुआ, इसलिए यह दुर्भाग्यपूर्ण लेकिन कुल मिलाकर अच्छा अनुभव था।’’

चिराग और सात्विक ने अपने पहले मैच में ली यांग और वैंग चीन लिन की तीसरी वरीय और अंतत: स्वर्ण पदक जीतने वाली जोड़ी को हराया था।

भारतीय जोड़ी को अपने दूसरे मुकाबले में मार्कस फर्नाल्डी गिडियोन और केविन संजय सुकामुल्जो की इंडोनेशिया की शीर्ष वरीय जोड़ी के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी थी। चिराग और सात्विक ने अपने तीसरे और अंतिम मैच में बेन लेन और सीन वेंडी की ग्रेट ब्रिटेन की जोड़ी को हराया था।

चिराग ने कहा, ‘‘दुनिया की नंबर एक और नंबर तीन जोड़ी की मौजूदगी में हमें शुरू से ही पता था कि हमारे ग्रुप में मुकाबला कड़ा होगा और ग्रेट ब्रिटेन की जोड़ी भी थी। लेकिन दो मैच जीतने के बावजूद बाहर होने से पीड़ा पहुंची। जिन्हें हमने हराया उन्हें स्वर्ण पदक जीतते हुए देखना मुश्किल था।’’

चिराग की नजरें अब सुदीरमन कप (26 सितंबर से तीन अक्तूबर), थॉमस कप (नौ-17 अक्तूबर) और विश्व चैंपियनशिप (12-19 दिसंबर) पर टिकी हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ओलंपिक के काफी सकारात्मक पक्ष रहे, हमने अच्छा प्रदर्शन किया। सुदीरमन कप, थॉमस कप और दिसंबर में विश्व चैंपियनशिप जैसे काफी टूर्नामेंट आ रहे हैं। इसलिए हम इन टूर्नामेंटों में अच्छा करना चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि हम पदक जीतकर आएंगे। ’’

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द


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