ओलंपिक क्वालीफिकेशन चक्र की शुरुआत से पहले मनु भाकर का आत्मविश्वास बढ़ा

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ओलंपिक क्वालीफिकेशन चक्र की शुरुआत से पहले मनु भाकर का आत्मविश्वास बढ़ा

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  • Publish Date - April 27, 2026 / 04:22 PM IST,
    Updated On - April 27, 2026 / 04:22 PM IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) भारत की दोहरी ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर नए सत्र से पहले आत्मविश्वास से लबरेज हैं और पेरिस खेलों में मिली सफलता के बाद एक बार फिर अपनी प्रतिस्पर्धी भावना को जगाने के लिए दृढ़ हैं।

इस साल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन चक्र शुरू होने के साथ ही मनु की नजरें एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप पर टिकी हैं। उन्हें विश्वास है कि ये लक्ष्य उनकी उस प्रतिस्पर्धी बढ़त को वापस दिलाएंगे जिसकी बदौलत उन्होंने 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीते थे।

सोमवार को यहां भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 24 वर्षीय पिस्टल निशानेबाज मनु ने कहा, ‘‘इस साल के आखिर में एशियाई खेल (जापान में) और विश्व चैंपियनशिप होने वाली है इसलिए हम निश्चित रूप से इन दो बड़ी प्रतियोगिताओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।’’

झज्जर की इस निशानेबाज ने कहा, ‘‘मैंने और मेरे कोच ने मिलकर अपनी तैयारियों को लेकर कुछ समय पहले ही चर्चा की थी। हमने योजना बनाई कि आगे कौन-कौन सी प्रतियोगिताएं होने वाली हैं और उनके लिए हमारी तैयारी कैसी होनी चाहिए। मुझे लगता है कि हमने सब कुछ ठीक से तय कर लिया है और उम्मीद है कि हम बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’

पेरिस 2024 खेलों में मिली सफलता के बाद से मनु का प्रदर्शन कुछ शांत सा रहा था। पिछले साल उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल विश्व कप में रजत पदक जीता था जबकि इस साल नयी दिल्ली में हुई एशियाई चैंपियनशिप में 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया।

मनु को इस बात की बेहद खुशी है कि 2030 में भारत में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी को फिर से शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि 2022 में बर्मिंघम में हुए खेलों और ग्लास्गो में होने वाले आगामी खेलों दोनों से निशानेबाजी बाहर है।

मनु ने कहा, ‘‘मुझे पहली बड़ी सफलता राष्ट्रमंडल खेलों में मिली थी जो 2018 में ऑस्ट्रेलिया (गोल्ड कोस्ट) में हुए थे। यह दुख की बात है (कि लगातार दो बार निशानेबाजी राष्ट्रमंडल खेलों का हिस्सा नहीं है) लेकिन साथ ही मैं 2030 के खेलों का भी बेसब्री से इंतज़ार कर रही हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेंगे इसलिए मैं बहुत उत्साहित हूं… मुझे पूरा यकीन है कि भारत बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगा।’’

मनु ने अपने जीवन के आध्यात्मिक पहलू पर कहा, ‘‘हां, मैं बहुत आध्यात्मिक हूं। यह सफर ओलंपिक के समय के आस-पास शुरू हुआ था और मुझे बहुत खुशी है कि मैं इसी रास्ते पर आगे बढ़ रही हूं।’’

क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के सबसे होनहार युवा खिलाड़ियों में से एक के तौर पर सामने आने और उन्हें जल्द से जल्द राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की बढ़ती मांगों के बीच मनु ने कहा कि अगर खिलाड़ी तैयार है और उसे सही मार्गदर्शन मिल रहा है तो इस प्रक्रिया को तेज करने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए।

मनु ने कहा, ‘‘अगर मार्गदर्शन सही हो और माहौल तरक्की में मददगार हो तो उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, प्रतिभा की कोई समय-सीमा नहीं होती। इसे छह साल की उम्र में भी पहचाना जा सकता है और 60 साल की उम्र में भी। सही मार्गदर्शन मिलने पर मुझे पूरा यकीन है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं।’’

मनु अब अगले महीने आईएसएसएफ विश्व कप म्यूनिख में हिस्सा लेंगी।

भाषा सुधीर पंत

पंत