संविलियन में निम्न से उच्च वर्ग का लाभ देने की मांग, कुल सेवा अवधि के आधार पर हो वेतमान का निर्धारण

संविलियन में निम्न से उच्च वर्ग का लाभ देने की मांग, कुल सेवा अवधि के आधार पर हो वेतमान का निर्धारण

संविलियन में निम्न से उच्च वर्ग का लाभ देने की मांग, कुल सेवा अवधि के आधार पर हो वेतमान का निर्धारण
Modified Date: November 29, 2022 / 08:10 pm IST
Published Date: July 10, 2018 3:07 pm IST

रायपुर। शिक्षक मोर्चा ने छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी से मांग की है कि कुल सेवा अवधि की गणना करके सातवा वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाए। मोर्चा के प्रदेश संचालक संजय शर्मा ने कहा कि जो निम्न पद से उच्च पद में गए थे, उन्हें कुल सेवा अवधि के आधार पर 8 वर्ष में छठवां (समतुल्य वेतन) दिया गया है। इसलिए कुल सेवा अवधि के आधार पर ही सातवां वेतनमान का निर्धारण किया जाना चाहिए।

उन्होंने इस बारे में आदेश जारी करने की भी मांग की है। वहीं राज्य में शिक्षाकर्मी से नियमित शिक्षक बनने वालों का एम्पलाई आईडी, अंतिम वेतन का प्रमाण पत्र, पैन और ई-पेरोल बनेगा, ताकि उन्हें वक्त पर तनख्वाह मिल सके। ऐसे करीब एक लाख चार हजार शिक्षाकर्मियों के लिए कैंप लगाकर ये काम तीन फेस में किए जाएंगे। इन्हें जुलाई से वेतन शिक्षा विभाग देगा। इसके लिए हर जिले में संकुलवार कैंप लगाने का निर्णय लिया गया है।

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वेतन के लिए ये है टाइम टेबल

स्कूल शिक्षा सचिव ने कलेक्टर्स, सीईओ, नगर निगमों के कमिश्नर्स, डीईओ और निकायों के सीएमओ को टाइम टेबल भेजा है। उनसे कहा है कि वे 11 जुलाई तक अंतिम वेतन प्रमाण पत्र 30 जून की स्थिति में 10 जुलाई तक पूरा कर लें। जिन शिक्षकों के पास पैन नंबर नहीं है उन्हें फार्म सीएसआरएफ भरना होगा। 11 जुलाई तक आहरण संवितरण अधिकारी की सूची भी बनानी होगी। कैंप हर ब्लाक में हायर सेकेंडरी स्कूलों में 14 व 15 जुलाई को लगेंगेइसके बाद संचालक कोष एवं लेखा पैन नंबरों का 23 जुलाई तक इंटर सेक्टर ट्रांसफर करके स्कूल शिक्षा विभाग को भेजेंगे। 23 जुलाई को नए सीएसआरएफ आवेदनों के आधार पर एनएसडीएल से समन्वय करके पैन नंबर प्राप्त किए जाएंगे। 24 जुलाई के बाद आहरण संवितरण अधिकारियों द्वारा वेतन देयक तैयार किए जाएंगे। जुलाई के आखिरी दो दिनों में अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह नए शिक्षकों को भी तनख्वाह दे दी जाएगी। कलेक्टर-सीईओ कर्मचारियों की बैठक भी लेंगे जिसमें उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी।

बताया जा रहा है कि समय पर काम पूरा करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी किया है। इसमें शिक्षाकर्मियों की वरिष्ठता सूची तैयार करने के लिए सभी जिला पंचायत के सीईओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे सभी पंचायत और नगरीय निकायों में काम कर रहे शिक्षाकर्मियों की वरिष्ठता सूची बनाएंगे। सूची का प्रारंभिक प्रकाशन कर 3 अगस्त तक दावा-आपत्तियां मंगाई जाएंगी। फिर 10 सितंबर को वरिष्ठता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।

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संविलियन न चाहें तो दे सकते हैं विकल्प पत्र

शिक्षाकर्मियों के डाटा बेस तैयार करने के लिए भी समय सीमा तय की गयी है। इसके अलावे नगरीय निकाय और पंचायत दोनों विभाग के मर्जर की पूरी प्रक्रिया 10 सितंबर तक पूरा कर लेना का निर्देश जारी किया गया है। संविलियन की प्रक्रिया के बीच भी कोई शिक्षाकर्मी यदि संविलियन नहीं चाहता, तो उसके लिए विकल्प पत्र भरने का प्रावधान है। इसके माध्यम से शिक्षाकर्मी संविलियन से असहमति जता सकते हैं। ऐसे में उन्हें पहले की तरह पंचायत विभाग या नगरीय निकाय के अधीन काम करने का अवसर बना रहेगा।

बता दें जारी निर्देशों के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने संविलियन की प्रक्रिया के तहत विकल्प पत्र जारी किया है। इसमें शिक्षाकर्मी अपने नाम, पद नाम तथा जिस संस्था में काम कर रहे हैं, उसका ब्योरा देते हुए विकल्पपत्र में यह लिखकर दे सकते हैं कि वे संविलयन से असहमत हैं। विकल्पपत्र भरने वालों का संविलियन नहीं किया जाएगा। वे वर्तमान में पंचायत या नगरीय निकाय के अधीन जिस प्रकार सेवाएं दे रहे हैं, उसी प्रकार उनकी सेवा जारी रहेगी। जो शिक्षाकर्मी असहमति जताएंगे, उनके लिए ये अनिवार्य है कि वे विकल्पपत्र नियोक्ता के पास 14 जुलाई तक जमा कराएं।

वेब डेस्क, IBC24


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