‘राजनीतिक पर्यटन’ पर आ रहे हैं राहुल गांधी, किसी को माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं: सिद्धार्थ नाथ सिंह

‘राजनीतिक पर्यटन’ पर आ रहे हैं राहुल गांधी, किसी को माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं: सिद्धार्थ नाथ सिंह

Edited By: , October 6, 2021 / 12:53 PM IST

लखनऊ, छह अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लखीमपुर खीरी जाने के कार्यक्रम को ‘राजनीतिक पर्यटन’ करार देते हुए कहा कि किसी को भी हालात बिगाड़ने नहीं दिए जाएंगे।

सिंह ने यहां संवाददाताओं से कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के लखीमपुर खीरी जाने के आज के कार्यक्रम के बारे में पूछे जाने पर कहा कि विपक्ष नकारात्मक रवैया दिखा रहा है और वह इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर रहा है, समझ नहीं आ रहा है कि भाई-बहन (राहुल और प्रियंका गांधी) इतना क्यों ‘उछल’ रहे हैं।

उन्होंने कहा,‘‘ हालात को संभालने के लिए सरकार ने कानून के तहत कुछ कदम उठाए हैं और विपक्षी नेताओं से प्रार्थना भी की है कि वे लोग अभी लखीमपुर खीरी न जाएं। अगर वे जाना ही चाहते हैं तो कुछ दिन बाद चले जाएं। इन नेताओं के मृतक के परिवारों से मुलाकात पर सरकार को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन किसी को भी माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।’’

सिंह ने गांधी पर तंज करते हुए कहा, ‘आज कांग्रेस के नंबर वन परिवार के एक और युवराज को जोश आया कि बहन (प्रियंका गांधी) तो है ही, इसलिए हम भी राजनीतिक पर्यटन पर निकलेंगे। मगर युवराज यह भूल जाते हैं और इतिहास गवाह है कि इस आजाद देश में कभी नरसंहार हुए हैं तो वे कांग्रेस के शासनकाल में ही हुए हैं।’

सिंह ने वर्ष 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा,‘‘ पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख समुदाय के खिलाफ नरसंहार किया गया। भाजपा उस समय उन लोगों के साथ खड़ी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब सिख समुदाय के लिए संशोधित नागरिकता कानून लेकर आए तो कांग्रेस ने उसके खिलाफ अभियान चलाया। इस कानून का ज्यादातर फायदा सिख समुदाय को ही होने वाला है।’’

उन्होंने कहा ‘यह समझ में नहीं आ रहा है कि विपक्ष के लोग और विशेष रूप से कांग्रेस के दोनों भाई-बहन इतना क्यों उछल रहे हैं। वे कहते हैं कि लोग नाखुश हैं। किसान यूनियन के एक नेता ने स्वयं आकर संयुक्त प्रेस वार्ता की, प्रशासन और किसानों के बीच जो समझौता हुआ है उससे वहां के सभी लोग खुश हैं और वहां पर एक शांति का माहौल बन रहा है लेकिन आप लोगों (विपक्ष) को वीडियो बना-बना कर सार्वजनिक करने और अनाप-शनाप बोलने की आदत हो गई है।’

सिंह ने सीतापुर में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को हिरासत में रखे जाने वाले स्थल पर ड्रोन तैनात किए जाने के आरोप के बारे में कहा ‘अरे तकनीक है, तकनीक का तो हर जगह इस्तेमाल होता है। आप अगर 20वीं सदी में अभी भी रहना चाहते हैं तो रहिए।’

उन्होंने दावा किया कि लखीमपुर खीरी हिंसा में मारे गए किसानों के परिवारों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को स्वीकार किया है एक परिवार को संदेह हुआ तो सरकार ने तुरंत दोबारा पोस्टमार्टम कराया, सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम करते हुए मामले की तह तक पहुंचेगी।

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले में गत रविवार को हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद गांधी का आज लखीमपुर खीरी जाने का कार्यक्रम है। हालांकि प्रशासन ने उनके इस दौरे की इजाजत नहीं दी है। उनकी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा को सोमवार तड़के लखीमपुर जाते वक्त रास्ते में सीतापुर में हिरासत में लिया जा चुका है।

भाषा सलीम निहारिका शोभना

शोभना