अफगानिस्तान में आये शक्तिशाली भूकंप में 1,000 लोगों की मौत, डेढ़ हजार अन्य घायल

अफगानिस्तान में आये शक्तिशाली भूकंप में 1,000 लोगों की मौत, डेढ़ हजार अन्य घायल

: , June 22, 2022 / 05:45 PM IST

काबुल, 22 जून (एपी) पूर्वी अफगानिस्तान में बुधवार तड़के आये भूकंप में 1,000 लोगों की मौत हो गई और 1,500 अन्य घायल हो गए। देश की सरकारी समाचार एजेंसी ने एक खबर में यह जानकारी दी।

यह अद्यतन आंकड़ा बख्तर समाचार एजेंसी ने दिया है। वहीं, अधिकारी भूकंप प्रभावित लोगों की मदद की कोशिश कर रहे हैं।

पिछले साल काबुल की सत्ता पर तालिबान के कब्जा कर लेने के बाद कई अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों और देश के सबसे लंबे युद्ध से अमेरिकी सैनिकों के वापस चले जाने के बाद बचाव अभियान में मुश्किलें आने की संभावना है।

इससे पहले, अधिकारियों ने बताया था कि पूर्वी अफगानिस्तान के एक ग्रामीण, पर्वतीय क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 920 लोग मारे गये हैं और 600 अन्य घायल हुए हैं। साथ ही, अधिकारियों ने मृतक संख्या बढ़ने की आशंका जताई थी।

अफगानिस्तान में, पिछले दो दशकों में आया यह सर्वाधिक विनाशकारी भूकंप है।

पाकिस्तान की सीमा के पास आए 6.1 तीव्रता वाले भूकंप से हुए नुकसान के बारे में फिलहाल अधिक विवरण प्राप्त नहीं हो सका है, लेकिन इतने शक्तिशाली भूकंप से दूर-दराज के इलाकों में गंभीर नुकसान होता है, जहां घर और अन्य इमारतें अधिक मजबूत नहीं बनी हुई हैं और भूस्खलन होना आम बात है।

विशेषज्ञों ने भूकंप के केंद्र की गहराई महज 10 किमी बताई है, जो इससे होने वाले नुकसान का दायर बढ़ा सकता है।

इस आपदा ने तालिबान नीत सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती पेश की है, जिसने पिछले साल सत्ता पर कब्जा कर लिया था।

बचावकर्मी हेलीकॉप्टर से मौके पर पहुंचे, लेकिन तालिबान के सत्ता पर कब्जा कर लेने के बाद कई अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों के अफगानिस्तान से चले जाने के कारण इसमें दिक्कत आने की संभावना है।

पड़ोसी देश पाकिस्तान के मौसम विभाग ने कहा कि भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में खोस्त शहर से करीब 50 किमी दक्षिणपश्चिम में था।

खोस्त प्रांत में इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। भूकंप के झटके पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से काफी दूर स्थित इलाकों में महसूस किये गए।

पक्तिका से प्राप्त फुटेज में यह देखा जा सकता है कि कंबल में लिपटे हुए घायलों के लिए हेलीकॉप्टर का इंतजार किया जा रहा है। अन्य का जमीन पर इलाज किया जा रहा है।

अफगानिस्तान के आपात सेवा अधिकारी शराफुद्दीन मुस्लिम ने जो मृतक संख्या बताई है, उसके आधार पर यह 2002 के बाद से सबसे विनाशकारी भूकंप है, जब 6.1 तीव्रता के भूकंप में करीब 1,000 लोगों की मौत हो गई थी।

अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण के भूकंप विज्ञानी रॉबर्ट सेंडर्स ने कहा कि विश्व के ज्यादातर स्थानों पर इतनी तीव्रता के भूकंप से काफी तबाही होती है।

उन्होंने कहा, ‘‘पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण भूस्खलन भी होने की आशंका है जिसके बारे में खबर आने तक हम कुछ नहीं कह सकते । पुरानी इमारतों के ढहने की आशंका है। ’’

इससे पहले, तालिबान सरकार संचालित बख्तर समाचार एजेंसी के महानिदेशक अब्दुल वाहिद रयान ने ट्विटर पर बताया था कि पक्तिका में 90 मकान नष्ट हो गये हैं और दर्जनों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।

उन्होंने बताया कि अफगान रेड क्रीसेंट सोसाइटी ने करीब 4,000 कंबल, 800 तंबू और 800 किचन किट प्रभावित इलाकों को भेजी हैं।

तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता बिलाल करीमी ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ हम सभी सहायता एजेंसियों से आग्रह करते हैं कि स्थिति को संभालने के लिए तुरंत अपने दल मौके पर भेजें।’’

काबुल में, प्रधानमंत्री मोहम्मद हसन अखुंद ने पक्तिका और खोस्त में भूकंप पीड़ितों के लिए राहत कोशिशों में समन्वय के वास्ते राष्ट्रपति भवन में एक आपात बैठक बुलाई है।

अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के समन्वयक रमीज अकबारोव ने ट्वीट किया, ‘‘सहायता पहुंचने को है।’’

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बयान में, भूकंप से मची तबाही पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका देश अफगानिस्तान के लोगों को सहायता प्रदान करेगा।

वेटिकन में, पोप फ्रांसिस ने भूकंप में मारे गये लोगों और घायलों के लिए प्रार्थना की।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि खोस्त प्रांत के सिर्फ एक जिले में कम से कम 25 लोग मारे गये हैं और 95 से अधिक घायल हुए हैं।

अफगान सीमा के पास पाकिस्तान के कुछ इलाकों में नुकसान होने की खबरें हैं, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह बारिश के चलते हुआ है या भूकंप से हुआ है। इलाके के आपदा प्रबंधन प्रवक्ता तैमूर खान ने यह जानकारी दी।

यूरोपीय भूकंप विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप के झटके 500 किमी से अधिक क्षेत्र में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में महसूस किए गए।

अफगानिस्तान का पर्वतीय क्षेत्र और हिंदुकुश पर्वत से लगे दक्षिण एशिया के क्षेत्र लंबे समय से विनाशकारी भूकंप का सामना कर रहे है।

अफगानिस्तान के उत्तरपूर्वी इलाके और उत्तरी पाकिस्तान में 2015 में आये भूकंप में 200 से अधिक लोग मारे गये थे। वहीं, 1998 में अफगानिस्तान के उत्तरपूर्वी इलाके में 6.1 की तीव्रता वाले भूकंप में कम से कम 4,500 लोग मारे गये थे।

एपी सुभाष नरेश

नरेश

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)