नीतीश को दिवास्वप्न देखना बंद करना चाहिए, 2024 में कोई ‘वैकेंसी’ नहीं है : रविशंकर प्रसाद |

नीतीश को दिवास्वप्न देखना बंद करना चाहिए, 2024 में कोई ‘वैकेंसी’ नहीं है : रविशंकर प्रसाद

नीतीश को दिवास्वप्न देखना बंद करना चाहिए, 2024 में कोई ‘वैकेंसी’ नहीं है : रविशंकर प्रसाद

:   Modified Date:  April 29, 2023 / 10:25 PM IST, Published Date : April 29, 2023/10:25 pm IST

पटना, 29 अप्रैल (भाषा) लोकसभा चुनाव 2024 के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सत्ता में वापसी का दावा करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह समझ लेना चाहिए कि देश के शीर्ष पद के लिए ‘‘कोई वैकेंसी नहीं है।’’

प्रसाद प्रधानमंत्री मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 100वें संस्करण के प्रसारण को लेकर बिहार भाजपा मुख्यालय पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सवालों का जवाब दे रहे थे।

इस दौरान विपक्षी दलों के गठबंधन के जुड़ी बैठक के पटना में आयोजित होने की संभावनाओं के बारे में बात करने पर प्रसाद ने बेहद व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, ‘‘क्या देश में दिवास्वप्न देखने पर कोई रोक है?’’

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘लेकिन मैं नीतीश बाबू को विनम्रता से याद दिलाना चाहता हूं कि यह एचडी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल का जमाना नहीं है। देश स्थाई सरकार और महान नेता चाहती है।’’

पटना साहिब से लोकसभा सदस्य प्रसाद ने कहा, ‘‘नीतीश बाबू को यह याद रखने की जरूरत है कि 2024 में प्रधानमंत्री पद के लिए कोई ‘वैकेंसी’ नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश कि जनता के लिए इतना कुछ किया है और उन्हें लोगों का आशीर्वाद मिलता रहेगा।’’

पत्रकारों द्वारा बिहार कारा नियमावली में ‘विवादित’ बदलाव कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी की हत्या के मामले में सजायाफ्ता पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई के बारे में पूछे जाने पर भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल करते हुए कहा कि आपकी सरकार यह कानून क्यों लायी और फिर उसे विलोपित किया? प्रसाद ने कहा कि जब कोई भी कानून लाया जाता है या विलोपित किया जाता है, तो उसका कोई आधार होता है। सरकार बताए कि कानून लाया क्‍यों गया था?

प्रसाद ने कहा, ‘‘जी कृष्णैया की हत्या नृशंस दुर्भाग्यपूर्ण हत्या है। हम उनके परिवार की पीड़ा के साथ हैं।’’

रविशंकर प्रसाद ने आज कहा कि प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ का 100वां संस्करण है जिसका 52 भाषाओं में प्रसारण किया जाता है, जिसमें दुनिया की 11 भाषाएं भी शामिल हैं।

पटना स्थित भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रसाद ने रेडियो कार्यक्रम प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ की चर्चा करते हुए कहा, ‘‘रविवार को इसका 100वां संस्करण है। प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाला मन की बात कार्यक्रम का 100 वां संस्करण देश में करीब चार लाख स्थानों पर सुना जाएगा।’’

उन्होंने इसे दुनिया का अनोखा कार्यक्रम बताते हुए कहा कि किसी भी देश के नेता का जनता के चर्चा करना संवाद करना इसका कोई और उदाहरण नहीं है। प्रसाद ने कहा कि 2014 से प्रारंभ यह कार्यक्रम अनवरत चल रहा है।

सांसद ने बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र में इस कार्यक्रम को सुनने के लिए 620 स्थानों पर व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने कल के दिन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह कार्यक्रम 52 भाषाओं में प्रसारित किया जाता है जिसमें दुनिया की 11 भाषाएं भी शामिल हैं।

प्रसाद ने आगे कहा, ‘‘हमें हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी पर गर्व है कि इस कार्यक्रम में राजनीति का ‘‘र’’ और पालिटिक्स के ‘‘पी’’ की भी चर्चा नहीं करते बल्कि इस कार्यक्रम में राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण, देश के संस्कार, संस्कृति, पर्यावरण की चर्चा की जाती है।’’

पटना साहिब के सांसद प्रसाद ने सासाराम हिंसा के करीब एक महीने बाद भाजपा के पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद की गिरफ्तारी की भर्त्सना करते हुए कहा कि एक महीने बाद सरकार को गिरफ्तारी की याद आई है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

भाषा अनवर अर्पणा धीरज

धीरज

 

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