शराबबंदी कानून की समीक्षा होगी, ताड़ी और महुआ को इसके दायर से बाहर करेंगे: महागठबंधन

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शराबबंदी कानून की समीक्षा होगी, ताड़ी और महुआ को इसके दायर से बाहर करेंगे: महागठबंधन

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  • Publish Date - October 28, 2025 / 06:54 PM IST,
    Updated On - October 28, 2025 / 06:54 PM IST

पटना, 28 अक्टूबर (भाषा) महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जारी अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि प्रदेश में अगर उसकी सरकार बनी तो शराबबंदी कानून की समीक्षा की जाएगी तथा ताड़ी और महुआ आधारित पारंपरिक रोजगार को इस कानून से मुक्त किया जाएगा।

विपक्षी गठबंधन ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी किया जिसे ‘तेजस्वी प्रण’ नाम दिया गया है।

इस घोषणापत्र में कहा गया है, ‘‘बिहार में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा की जाएगी और सुसंगत नीति बनाई जाएगी। इस कानून के तहत जेल में बंद दलितों और अन्य गरीबों को तत्काल राहत दी जाएगी।’’

महागठबंधन ने यह भी कहा कि ताड़ी और महुआ आधारित पारंपरिक रोजगार को शराबबंदी कानून से मुक्त किया जाएगा।

इस चुनावी राज्य में बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम एक अप्रैल 2016 को लागू हुआ था। नीतीश कुमार द्वारा नवंबर 2015 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की तरफ से इस कानून का वादा किया गया था। उस चुनाव में कुमार महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे।

इस कानून के तहत राज्य में शराब का निर्माण, बिक्री, भंडारण और उपभोग प्रतिबंधित है तथा इसमें दंड का प्रावधान भी किया गया है।

विपक्षी दल आरोप लगाते रहे हैं कि यह कानून ‘‘बेअसर’’ साबित हुआ है क्योंकि राज्य में अब शराब की अवैध बिक्री हो रही है।

भाषा हक हक खारी

खारी

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