बिहार विधानसभा ने चालू वित्त वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक मांगों, विनियोग विधेयक पारित किया

बिहार विधानसभा ने चालू वित्त वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक मांगों, विनियोग विधेयक पारित किया

बिहार विधानसभा ने चालू वित्त वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक मांगों, विनियोग विधेयक पारित किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:10 pm IST
Published Date: February 26, 2021 3:24 pm IST

पटना, 26 फरवरी (भाषा) बिहार विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 19370 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट के लिए मांगों की दूसरी सूची और तत्संबंधी विनियोग विधेयक 2021 को शुक्रवार को ध्वनि मत से पारित किया।

राजद विधायक समीर कुमार महासेठ के कटौती प्रस्ताव को अस्वीकृत करते हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 19370 करोड़ रुपए के द्वितीय अनुपूरक बजट और संबंधित बिहार विनियोग विधेयक 2021 शुक्रवार को सभा ने ध्वनि मत से पारित किया।

उपमुख्यमंत्री सह वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने 31 मार्च 2021 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में नए शहरी स्थानीय निकायों के गठन के बाद राज्य की शहरी आबादी 11.3 प्रतिशत से बढ़कर 15.28 प्रतिशत हो गई है।

उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य में 1.13 करोड़ शहरी आबादी थी जो कुल जनसंख्या का 11.3 प्रतिशत है। राज्य के विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा 116 शहरी स्थानीय निकाय बनाने के बाद शहरी आबादी 15.28 प्रतिशत हो गई है।

तारकिशोर ने कहा कि नए शहरी स्थानीय निकाय, नगर निगम, परिषद और नगर पंचायत बनाने के निर्णय से न केवल राज्य के विकास को बढ़ावा मिलेगा बल्कि लोगों को नागरिक सुविधाएं भी मिलेंगी तथा केंद्रीय संसाधनों में राज्य का हिस्सा बढेगा।

उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों के क्षेत्रों के निर्माण, उन्नयन और विस्तार के बाद नगर निगमों की संख्या 12 से बढ़कर 18, नगर परिषद 49 से बढ़कर 83 और नगर पंचायतों की संख्या 81 से बढ़कर 157 हो गई है।

तारकिशोर ने कहा कि पटना के अलावा सरकार बेगूसराय, भागलपुर, आरा, बक्सर, छपरा, हाजीपुर में रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट शुरू करेगी।

उन्होंने कहा कि द्वितीय अनुपूरक बजट में 9530.27 करोड़ रुपये वार्षिक योजना के लिए, 9399.98 करोड़ रुपये स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय के लिए रखे गए हैं जबकि 439.77 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं को आवंटित किए गए हैं।

भाषा अनवर

देवेंद्र मनोहर

मनोहर


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