इस्लामाबाद: Petrol Diesel Price Today Latest News वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर स्थानीय बाजार में भी दिख रहा है। स्थानीय बाजार में पेट्रोल-डीजल के रेट में भी उतार चढ़ाव लगातार जारी है। लेकिन दूसरी ओर आम जनता सरकार से उम्मीद लगाए बैठी है कि पेट्रोल-डीजल के रेट में कमी आएगी। पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि होने से दैनिक उपभोग और जरूरी सामान के रेट में अंतर देखने को मिलता है। इस बीच खबर आ रही है कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों कमी की है।
Petrol Diesel Price Today Latest News वित्त मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार सरकार ने डीजल की कीमत में 5.31 रुपए की कमी की है। जबकि पेट्रोल के दाम में 0.50 पैसे की मामूली कटौती की है। वहीं केरोसिन के दाम में 3.53 रुपए की गिरावट देखने को मिली है। पाकिस्तान सरकार की ओर से रमजान से पहले लिया गया ये फैसला किसी राहत से कम नहीं है।
जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 0.50 रुपए प्रति लीटर की कमी के बाद अब प्रति लीटर पेट्रोल की नई कीमत 255.63 रुपए हो गई है। इसी तरह हाई-स्पीड डीजल की कीमत में भी 5.31 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है, अब इसकी कीमत 258.64 रुपए प्रति लीटर है। इसके अलावा केरोसिन तेल की कीमत भी 3.53 रुपए कम करके 168.12 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है।
सरकार पेट्रोल और एचएसडी पर लगभग 76 रुपए प्रति लीटर कर वसूलती है, जिसमें 60 रुपए प्रति लीटर का पेट्रोलियम विकास शुल्क (पीडीएल) शामिल है। जबकि सामान्य बिक्री कर (जीएसटी) शून्य पर रहता है, अधिकारी दोनों उत्पादों पर 16 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त सीमा शुल्क लगाते हैं, भले ही वे स्थानीय रूप से उत्पादन किए गए हों या आयातित हों।
बता दें कि पेट्रोल निजी परिवहन, छोटे वाहनों, मोटरसाइकिलों और रिक्शा के लिए एक प्रमुख ईंधन है, जो इसे मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं के लिए एक आवश्यक वस्तु बनाता है। इसकी कीमत में कोई भी वृद्धि सीधे घरेलू बजट को प्रभावित करती है, जिससे पहले से ही मुद्रास्फीति से जूझ रहे लोगों पर और बोझ पड़ता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी से आम जनता को क्या राहत मिलेगी?
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी से आम जनता को रोजमर्रा के खर्चों में राहत मिलेगी, क्योंकि इनकी कीमतों में बढ़ोतरी का असर अन्य आवश्यक सामानों की कीमतों पर भी पड़ता है।
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम में और कमी आने की संभावना है?
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और कमी आने का निर्णय वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और सरकार की नीतियों पर निर्भर करता है। अगर वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें घटती हैं, तो स्थानीय बाजार में भी कमी हो सकती है।
क्या पेट्रोल और डीजल पर सरकार द्वारा लगाए गए करों का असर कीमतों पर पड़ता है?
हां, पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए करों (जैसे पेट्रोलियम विकास शुल्क और सीमा शुल्क) का सीधा असर इनकी कीमतों पर पड़ता है, जो अंततः उपभोक्ताओं को प्रभावित करता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से मुद्रास्फीति पर क्या असर पड़ता है?
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से परिवहन लागत बढ़ती है, जिससे अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी होती है, जो मुद्रास्फीति को बढ़ावा देती है।
सरकार के पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की गई कटौती का असर किसे सबसे ज्यादा होगा?
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में की गई कटौती से सबसे ज्यादा राहत उन उपभोक्ताओं को मिलेगी, जो निजी परिवहन, छोटे वाहनों और मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करते हैं, खासकर मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के लोग।