Competitive Exams Fee waived : प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस माफ, भूपेश सरकार ने किया सरकारी नौकरी का रास्ता साफ

Competitive Exams Fee waived off : प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस माफ, Bhupesh Govt waived fees for competitive exams

Competitive Exams Fee waived : प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस माफ, भूपेश सरकार ने किया सरकारी नौकरी का रास्ता साफ
Modified Date: June 23, 2023 / 01:57 pm IST
Published Date: June 23, 2023 1:57 pm IST

रायपुरः मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते चार सालों में राज्य के नागरिकों के लिए कई बड़े निर्णय लिये हैं। चाहे बात बस्तर के आदिवासियों की हो या फिर शहरों में रहने वाले मजदूरों की। हर वर्ग के विकास के लिए भूपेश सरकार ने योजनाएं बनाई है। अपने साढ़े चार सालों के कार्यकाल के दौरान भूपेश सरकार ने युवाओं को कई बड़े तोहफे दिए हैं। एक और जहां बंपर भर्तियां हो रही है, वहीं दूसरी ओर प्रतियोगी परीक्षाओं के शुल्क को माफ कर लाखों युवाओं का दिल जीत लिया है। इसलिए तो आज छत्तीसगढ़ के हर युवा भूपेश है तो भरोसा है के नारे लगा रहे हैं।

प्रदेश के लाखों युवाओं के बीच उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई, जब सीएम भूपेश बघेल ने प्रतियोगी परीक्षाओं में शुल्क माफ करने का ऐलान किया। सीएम भूपेश ने इसकी घोषणा साल 2022 के बजट सत्र के दौरान किया था। प्रदेश में हर साल लाखों छात्र व्यापम और सीजी पीएससी की परीक्षा में शामिल होने के लिए आवेदन करते हैं. इन छात्रों को करीब 500 रुपए तक इसके लिए खर्च करना पड़ता है. लेकिन भूपेश सरकार की युवाओं के प्रति सकारात्मक सोच के चलते अब छत्तीसगढ़ के युवाओं को किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में परीक्षा फीस नहीं देना पड़ता है।

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राज्य विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड का भी शुल्क माफ

व्यापम और सीजी पीएससी की परीक्षा का शुल्क तो माफ हो ही गया था लेकिन राज्य विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड की परीक्षाओं में शुल्क लिया जा रहा था। गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की राह पर चल रहे सीएम भूपेश ने इस नारे युवाओं की भागीदारी को समझते हुए राज्य विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर आयोजित परीक्षाओं के भी शुल्क को माफ करने का ऐलान किया। दरअसल, राज्य के आदिवासी बेल्ट बस्तर और सरगुजा में विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी पद के लिए परीक्षा आयोजित होती है. इसमें शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा फीस के रूप में 200 से 500 रुपए देना पड़ता था। लेकिन अब बस्तर और सरगुजा के युवाओं को फीस नहीं देना पड़ता है।

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प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर युवाओं का रूझान बढ़ा

प्रदेश में पहले युवाओं का रूझान सरकारी नौकरियों में कम हो गया था। फीस निर्धारित होने की वजह से कई युवा सरकारी नौकरी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षा में आवेदन नहीं करते थे, लेकिन जब से सीएम भूपेश बघेल ने इन परीक्षाओं के फीस को माफ करने का ऐलान किया है, तब प्रतियोगी परीक्षाओं की ओर युवाओं का रूझान बढ़ा है। आज प्रदेश में बंपर सरकारी भर्तियां निकली है और उसमें लाखों युवा आवेदन भी कर रहे हैं।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।