उदयपुर की घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद |

उदयपुर की घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद

उदयपुर की घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद

: , July 2, 2022 / 04:37 PM IST

रायपुर, दो जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ के हिंदू संगठनों ने राजस्थान के उदयपुर में एक दर्जी की निर्मम हत्या के खिलाफ शनिवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। बंद के आह्वान के बाद आज यहां के प्रमुख शहरों में ज्यादातर दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे।

बंद से आवश्यक सेवाओं को बाहर रखा गया था। राजधानी रायपुर सहित कुछ शहरों में स्कूल और कॉलेज बंद रहे तथा विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन सेवा ठप रही।

राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य के किसी भी हिस्से से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है और बंद आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा।

राज्य में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (सीसीसीआई) ने भी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा बुलाए गए ‘बंद’ को अपना समर्थन दिया था। हिंदू संगठनों ने व्यवसायियों से अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखने की अपील की थी।

राज्य में आज विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेता भी सड़क पर निकले तथा लोगों से अपने प्रतिष्ठान को बंद रखने की अपील की।

राज्य के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद, कांकेर, धमतरी, बेमेतरा, रायगढ़ और कोरबा समेत कई शहरों से मिली जानकारी के अनुसार हिंदू संगठनों ने भगवा झंडे लेकर पैदल और मोटरसाइकिल पर मार्च निकाला तथा उदयपुर हत्याकांड के दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग करते हुए नारेबाजी की।

भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के पक्ष में सोशल मीडिया में पोस्ट लिखने के बाद राजस्थान के उदयपुर शहर में दर्जी कन्हैयालाल की मंगलवार दोपहर को दो लोगों रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद ने चाकू से हमला कर हत्या कर दी थी।

रायपुर शहर के जय स्तम्भ चौक पर धरना प्रदर्शन में शामिल पूर्व विधायक और भाजपा नेता श्रीचंद सुंदरानी ने कहा, ‘राजस्थान में कन्हैयालाल जी की निर्मम हत्या को लेकर देश में लोगों में गुस्सा है। हम सब संगठित हैं। इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। जो लोग आतंक का माहौल बना रहे हैं और हिंदुत्व के लिए चुनौती बन गए हैं, उन्हें करारा जवाब दिया जाएगा।’

सुंदरानी ने दावा किया कि घटना के विरोध में राजधानी में सभी दुकानें, स्कूल, कॉलेज और यहां तक ​​कि पेट्रोल पंप भी बंद हैं।

उन्होंने कहा कि बंद का समर्थन करके छत्तीसगढ़ के लोगों ने दिखाया है कि इस तरह के जघन्य अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं विहिप नेता घनश्याम चौधरी ने कहा कि देश शरीयत से नहीं संविधान से चलेगा।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘बंद के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए राजधानी और अन्य शहरों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।’

वहीं बंद को लेकर राज्य के सत्ताधारी दल कांग्रेस ने कहा है कि पूरे देश ने उदयपुर की बर्बर घटना की निंदा की है, लेकिन भाजपा जिस तरह से इस पर राजनीति कर रही है वह बेहद निंदनीय है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, ”उदयपुर की घटना बर्बर, अमानवीय और निंदनीय है। पूरा देश इसकी निंदा कर रहा है। लेकिन जिस तरह से भाजपा इस घटना पर राजनीति कर रही है वह बेहद निंदनीय और गंगा जमुनी तहजीब के खिलाफ है।”

शुक्ला ने कहा, ”घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ को बंद करना उचित नहीं है। बंद के दौरान जिस तरह से भाजपा, आरएसएस और विहिप के कार्यकर्ता अतिवादी आचरण कर रहे हैं, वह सामाजिक समरसता के खिलाफ है। दुकानदारों पर अपने प्रतिष्ठान बंद करने का दबाव बनाना गलत है।”

भाषा संजीव संजीव रंजन

रंजन

 

(इस खबर को IBC24 टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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