Targeted killing of BJP leaders in Bastar
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जगदलपुर। बस्तर में सिलसिलेवार माओवादियों द्वारा जनप्रतिनिधियों की हत्या पर राजनीति गर्म होने लगी है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इसे टारगेटेड किलिंग बताया है।वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेता आरोप लगा रहे हैं और चुनाव से पहले इस तरह की हत्या वह भी भारतीय जनता पार्टी से जुड़े जनप्रतिनिधियों की सवालिया निशान खड़ा करती हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया है, पिछले 30 दिनों में 4 भाजपा पदाधिकारियों की निर्मम हत्या पर कांग्रेस के खिलाफ लोकसभा में बरसते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा, भाजपा नेताओं की टारगेट किलिंग हो रही है भारत सरकार, राज्य सरकार को लोगों की सुरक्षा के लिए निर्देशित करें। निष्पक्ष जांच की भी मांग की, कहा भाजपा नेताओं की शहादत व्यर्थ नहीं जाने देंगे।
बस्तर में माओवादियों की बड़ी हिंसक घटनाएं तो कम हुई है लेकिन फिर एक बार माओवादी सिलसिलेवार हत्याएं कर रहे हैं। हत्या का पैटर्न भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए मामले में सियासत गर्म हो चली है। महज सप्ताह भर के अंदर ही तीन भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की हत्या हो चुकी है। बीजापुर में मंडल अध्यक्ष, नारायणपुर में जिला उपाध्यक्ष और भाजपा समर्थित पूर्व सरपंच की बारसूर क्षेत्र में की गई हत्या से पार्टी के नेता तिलमिलाए हुए हैं।
पूर्व सरपंच की हत्या से पहले माओवादियों ने उसे चेतावनी दी थी मौके पर जो पर्चा माओवादियों की तरफ से फेंका गया है। उसने बोधघाट परियोजना में ग्रामीणों को विरोध से रोकने के लिए बहकाने का आरोप लगाया गया है। गौरतलब है कि बोधघाट परियोजना कांग्रेस सरकार द्वारा दोबारा शुरू की जा रही थी। इधर भारतीय जनता पार्टी के नेता कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
इससे पहले भी दंतेवाड़ा में माओवादियों ने हिरोली के सरपंच और एक अन्य पंचायत प्रतिनिधि की कुआ कुंडा थाना अंतर्गत हत्या की थी। सिलसिलेवार हत्याओं से माओवादियों की सक्रियता फिर बढी है। इधर बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष व विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा संवेदनशील इलाकों में कांग्रेस सरकार ने सड़क पुल पुलिया का निर्माण करवाया है। हालत जरूर बदले हैं लेकिन हर नेता को सुरक्षा देना चुनौती पूर्ण है।