”लोकवाणी” की तीसरी कड़ी का प्रसारण, सीएम ने इस जिले में अस्पताल खोलने का किया ऐलान

''लोकवाणी'' की तीसरी कड़ी का प्रसारण, सीएम ने इस जिले में अस्पताल खोलने का किया ऐलान

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  • Publish Date - October 13, 2019 / 05:48 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:49 PM IST

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को स्वास्थ्य एवं मातृशक्ति पर आधारित मासिक रेडियो कार्यक्रम लोकवाणी के तीसरे प्रसारण की शुरूआत दाई-बहिनी, सियान-जवान, लइका जम्मो मन ला जय जोहार से की। उन्होंने छत्तीसगढ़ी में इस सरल और सरस संबोधन के साथ पूरे वातावरण को सहज बना दिया। मुख्यमंत्री ने मासिक रेडियो वार्ता में छत्तीसगढ़ की संस्कृति में मातृशक्ति की पूजा की परम्परा का उल्लेख कर उनका नमन करते हुए अपनी बात की शुरुआत की।

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मुख्यमंत्री की मासिक रेडियो वार्ता ‘लोकवाणी’ का श्रोताओं से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इस कार्यक्रम में श्रोताओं की लगातार बढ़ रही भागीदारी ने इस कार्यक्रम को और अधिक उपयोगी बना दिया है। श्रोता सरकार की योजनाओं पर अच्छे फीडबैक के साथ महत्वपूर्ण सुझाव भी दे रहे हैं। लोकवाणी में माताओं-बहनों ने राज्य सरकार के सुपोषण अभियान की सराहना करते हुए इसे गर्भवती और शिशुवती माताओं के लिए बताया फायदेमंद बताया। खैरागढ़ में एक श्रोता से स्वास्थ्य सेवाओं के हाल और पोषण पुनर्वास केन्द्र के संचालन पर मिले फीडबेक पर मुख्यमंत्री लोकवाणी में ही कहा कि खैरागढ़ में 50 बिस्तर का अस्पताल खुलेगा और खैरागढ़ सहित पूरे प्रदेश में ‘पोषण पुनर्वास केन्द्रों’ के सुचारु संचालन के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति देश-दुनिया तक विख्यात
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी में कहा कि राज्य में हमारी सरकार आने के बाद यहां महिलाओं के हित तथा उत्थान पर विशेष ध्यान देते हुए पहली प्राथमिकता मातृशक्ति को दी गयी है। महिलाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में पहली बार तीजा तथा हरेली जैसे त्यौहारों में अवकाश घोषित किए गए। जिससे वे पूरे उत्साह तथा धूमधाम से पूरे परिवार के साथ खुशी-खुशी त्यौहार मनाएं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में त्यौहारों की एक समृद्ध श्रृंखला है। यहां हरेली, तीजा के बाद इसी माह क्वांर में नवरात्र पर्व भी उत्साह के साथ मनाया गया। प्रदेश के चारों ओर दंतेश्वरी मैया, बम्लेश्वरी मैया, चन्द्रहासिनी दाई, महामाया दाई और गांव-गांव में शीतला मैया, देवी के नौ स्वरूपों की धूमधाम से पूजा-अर्चना की गई। इस तरह गांव-गांव में रामलीला और आदिवासी अंचल बस्तर में दशहरा पर्व की छटा सहित छत्तीसगढ़ की विविध लोक संस्कृति देश-दुनिया तक विख्यात है।
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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोकवाणी में यह जानकारी भी दी कि आगामी 27, 28 और 29 दिसंबर को राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें विकासखण्ड स्तर पर प्रतियोगिता होगी। चुने हुए नृत्य दल जिला तथा राज्य स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। इससे ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिलेगा। महोत्सव में पूरे देश से आए आदिवासी नृत्य दलों का प्रदर्शन भी होगा, जो छत्तीसगढ़ को सांस्कृतिक तौर पर पूरे देश और दुनिया से जोड़ेगा।

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मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि त्यौहारों की इस श्रृंखला में शरद पूर्णिमा के अवसर पर रात में अमृत बरसेगा और यहां रामधुनी का कार्यक्रम लोगों में उल्लास भरेगा। इसके बाद लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा, मातर, भाई-दूज आदि का पर्व उत्साह के साथ मनाया जाएगा। हमारे यहां गौरा-गौरी, गोवर्धन पूजा और मातर-भाईदूज के साथ पड़की-सुवा और राउत नाचा से दीवाली के रंग चटख होते हैं। इसलिए हमने गौरा-गौरी उत्सव और गोवर्धन पूजा को ’गौठान दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। त्यौहारों का पूरा सिलसिला हमारी समृद्ध संस्कृति के स्मरण और उत्थान तथा हमारी मातृशक्ति को जागृत करता है। इस मातृशक्ति के सम्मान तथा नारी के उत्थान के लिए हमारी सरकार द्वारा महात्मा गांधी 150वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2019 को छत्तीसगढ़ में ’सुपोषण अभियान’ की शुरूआत की गई है।

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मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि सुपोषण अभियान बच्चों में कुपोषण दूर करने सहित गर्भवती माताओं तथा शिशुवती माताओं के लिए बहुत फायदेमंद है। जच्चा और बच्चा का बेहतर स्वास्थ्य हमारी पहली प्राथमिकता में है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 15 से 49 वर्ष की 47 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित है। अठारह साल से, कम से कम 35 साल तक की उम्र तक आमतौर पर गर्भवती माताओं के रूप में महिलाओं को बहुत बड़ी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। यदि 15 से 49 वर्ष तक की महिलाओं में खून की कमी होगी, तो वे अपने परिवार की इस सबसे बड़ी जिम्मेदारी को कैसे निभा पाएंगे।

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अगर माता ही कुपोषित है, खून की कमी की शिकार है तो वह किस प्रकार से स्वस्थ्य शिशु को जन्म देगी। यही वजह है कि पांच वर्ष से कम आयु के 37.5 प्रतिशत बच्चे कुपोषित रह जाते है। अर्थात् जिस नींव पर, जिस बुनियाद पर परिवार, प्रदेश और देश की ईमारत खड़ी होनी है, उस ईमारत को कमजोर छोड़कर कैसे मजबूत प्रदेश और मजबूत भारत की बातें कर सकते है। इसे ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार द्वारा समुदाय की समुचित भागीदारी, स्थानीय जनता की रूचि और स्थानीय पोषण सामग्री के उपयोग पर बल दिया गया और पहले की पूरक-पोषण आहार देने की व्यवस्था में आमूल-चूल बदलाव कर प्रदेश भर में सुपोषण अभियान का यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम लागू किया गया है।

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मुख्यमंत्री बघेल ने लोकवाणी के प्रसारण में कहा कि प्रदेश में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य अधोसरंचना को मजबूत बनाया जा रहा है। जिन स्थानों में स्वास्थ्य अधोसंरचना उपलब्ध नहीं है, वहां के निवासियों को इलाज से वंचित न होना पड़े। इसके लिए हमने ’मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना’ तथा ’मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना’ की शुरूआत कर दी है।

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इन दो योजनाओं के माध्यम से हम प्रत्येक बस्तियों और बसाहटों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रहे हैं, ताकि अस्पताल की सुविधाएं उन सभी लोंगो तक पहुंचा दी जाए, जो इससे छूट गए है। साथ ही प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के लिए हमने बड़ा कार्यक्रम बनाया है, जिसके तहत प्रदेश में पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, 25 उप स्वास्थ्य केन्द्र और जगदलपुर, रायगढ़ जिला चिकित्सालय में ट्रामा यूनिट, बिलासपुर में बर्न यूनिट आदि के लिए बजट प्रावधान किए गए है। बिलासपुर तथा जगदलपुर मेडिलक कालेज में मल्टी स्पेश्यालिटी हास्पिटल की सुविधा दी जाएगी। हमारा लक्ष्य पूरे प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन करना है।

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मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि अस्पतालों में अमला बढ़ाने के लिए सैकड़ों नए पद स्वीकृत किए गए है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लगभग एक हजार 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हम वर्ष 2019 में 975 डाक्टरों की भर्ती पूरी कर लेंगे। इसके अलावा 687 स्टाफ नर्सों की भर्ती हो चुकी है और 941 की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इस तरह राज्य में चिकित्सा अमला तेजी से बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर सर्वभौम पी.डी.एस. और मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना का भी शुभारंभ किया गया। सर्वभौम पी.डी.एस. के माध्यम से सबको सस्ता अनाज, जरुरतमंदों को मिट्टी का तेल, आदिवासी अंचलों में नमक, चना, तथा बस्तर में गुड़ आदि सुचारु रुप से प्रदान करने की व्यवस्था की है। इतना ही नहीं शहरों में मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना शुरु करने का यह मकसद है कि नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत में होने वाले कार्यों के लिए जनता को मुख्यालय तक न जाना पड़े, बल्कि अपने वार्ड स्थित कार्यालय में सबकी समस्या का हल हो जाए।

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मुख्यमंत्री ने लोकवाणी के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रोताओं की भावनाओं से अवगत हुए और उनके सवालों का सरल, सहज भाषा में जवाब भी दिया। इनमें दंतेवाड़ा के पटेलपारा से रमिता ने शासन के सुपोषण अभियान की खुले दिल से सराहना की। सीतामणी से श्रीमती सोनकुंवर चौहान ने मुख्यमंत्री श्री बघेल को मातृ शक्ति तथा स्वास्थ्य के लिए प्रदेश में चलायी जा रही योजनाओं की प्रशंसा की। बिल्हा-बिलासपुर से रमऊराम जगत, जशपुर से अवधेश पंडा, बेमेतरा से वीरेन्द्र साहू के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कुपोषण और एनीमिया दूर करने, टीकाकरण सहित प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए किए जा रहे कार्यो की विस्तार से जानकारी दी। श्री बघेल ने खैरागढ़ के मोहम्मद नासिर मेमन के सवाल के जवाब में बताया कि खैरागढ़ का पोषण पुनर्वास केन्द्र जल्द ही शुरु हो जाएगा और खैरागढ़ में 50 बिस्तर अस्पताल खोला जाएगा। साजा-बेमेतरा से गुलाब राम साहू, देवेन्द्र चंद्राकर, बलौदाबाजार से नोहर लाल साहू, रायपुर से उमेश बंजारे, रवि कुमार तथा गुणसागर प्रधान सहित अनेक साथियों के प्रश्नों का भी मुख्यमंत्री ने जवाब दिया।