छठे चरण में 59 सीटों पर 61.14 फीसदी मतदान, प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद

छठे चरण में 59 सीटों पर 61.14 फीसदी मतदान, प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद

छठे चरण में 59 सीटों पर 61.14 फीसदी मतदान, प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद
Modified Date: November 29, 2022 / 07:51 pm IST
Published Date: May 12, 2019 1:48 pm IST

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के छठे चरण में रविवार को 59 सीटों पर छिटपुट हिंसा के बीच वोटिंग खत्म हो गई। शाम सात बजे तक मिले अब तक के आंकड़ों के अनुसार छठे चरण में कुल 61.14 फीसदी वोटिंग हुई है। यह आंकड़ा और बढ़ सकता है क्योंकि कई जगहों पर मतदान केंद्र के अंदर मतदाता अभी भी कतार में लगे हुए हैं।

शाम सात बजे तक लोकसभा चुनाव के छठे चरण में दिल्ली और यूपी में सबसे कम वोटिंग दर्ज हुई, जबकि सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल में 80.16 फीसदी, दिल्ली में 56.11, हरियाणा में 62.91, यूपी में 53.37, बिहार में 59.29, झारखंड में  64.46 और मध्यप्रदेश में 60.40 प्रतिशत वोटिंग हुई है। इस चरण में पश्चिम बंगाल  से हिंसा की खबर आई जहां पर घाटल से बीजेपी प्रत्याशी भारती घोष के काफिले पर हमला किया गया। बीजेपी ने इस हमले के पीछे ‘तृणमूल के गुंडों’ का हाथ बताया।

वहीं बिहार के पश्चिम चंपारण लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी संजय जायसवाल पर नरकटिया के बूथ नंबर 162 पर लाठी-डंडे से लैस भीड़ ने हमला कर दिया। हालांकि, बॉडीगार्ड ने हवाई फायरिंग कर किसी तरह संजय को बचाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई। संजय को बूथ के अंदर ले जाया गया और बूथ के बाहर सैकड़ों की संख्या में लोग लाठी-डंडा लिए जमे रहे। संजय जायसवाल वहां पर वोटिंग के दौरान निरीक्षण करने आए थे।

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यूपी और बिहार समेत कई जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी के चलते लोगों को कुछ मुश्किलों का भी सामना करना पड़ा। छठे चरण में कई दिग्गजों की किस्मत का फैसला मतपेटी में बंद हो गया। इनमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा, दिल्ली बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी, दिल्ली कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष शीला दीक्षित, प्रज्ञा ठाकुर, रीता बहुगुणा जोशी, शिबू सोरेन और दिग्विजय सिंह जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं।


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