कोलकाता, 11 जून (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी के नेता विपक्ष के चयन से जुड़े फर्जी हस्ताक्षर मामले में बृहस्पतिवार को कोलकाता में सीआईडी मुख्यालय में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से लगभग छह घंटे पूछताछ की गई।
शाम 5.50 बजे सीआईडी मुख्यालय पहुंचे बनर्जी रात को करीब साढ़े 11 बजे कार्यालय से बाहर निकले। हालांकि, उन्होंने जाते समय संवाददाताओं से कोई बात नहीं की।
जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए मिले तीन नोटिस को अभिषेक बनर्जी ने नजरअंदाज कर दिया था, जिसके लिए उन्होंने बीमारी और कलकत्ता उच्च न्यायालय में मामले में चुनौती याचिका दायर करने का हवाला दिया।
बृहस्पतिवार को उच्च न्यायालय से किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण मिलने के बाद, अभिषेक शाम करीब 5:50 बजे सीआईडी मुख्यालय ‘भवानी भवन’ पहुंचे। अदालत ने तृणमूल सांसद को बृहस्पतिवार शाम छह बजे तक सीआईडी मुख्यालय में पेश होने का निर्देश दिया था।
अभिषेक बनर्जी दिल्ली से शाम करीब 4:30 बजे कोलकाता लौटे, जहां उन्होंने पिछले तीन दिन राहुल गांधी समेत ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के साथ बैठकें की थीं।
अभिषेक के आने पर हवाईअड्डे पर अफरातफरी का माहौल देखा गया, जहां जमा भीड़ में से कुछ नाराज लोगों ने उनके खिलाफ ‘सिग्नेचर चोर’ के नारे लगाए।
अपने कालीघाट स्थित घर पर लगभग 30 मिनट रुकने के बाद, बनर्जी अदालत की तय समय-सीमा से 10 मिनट पहले भवानी भवन पहुंचे।
उधर,एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल सीआईडी ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी द्वारा कथित रूप से भड़काऊ बयान देने के मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है।
इस मामले की पहले बिधाननगर साइबर क्राइम थाना पुलिस जांच कर रही थी। यह जांच बागुईआटी निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी
अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान सभी मामले से संबंधित दस्तावेज़, डिजिटल साक्ष्य और सामग्री सीआईडी को सौंप दी गई है।
अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”जांच सीआईडी को सौंपे जाने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया है। अब तक जमा किए गए मामले की डायरी, दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य आगे की जांच के लिए एजेंसी को सौंप दिए गए हैं।”
भाषा शफीक पवनेश
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