पूर्वोत्तर में तेल की खोज के लिए त्रिपक्षीय एमओयू से उत्पादन क्षमता 10 गुना बढ़ सकती है: शाह

Ads

पूर्वोत्तर में तेल की खोज के लिए त्रिपक्षीय एमओयू से उत्पादन क्षमता 10 गुना बढ़ सकती है: शाह

  •  
  • Publish Date - June 12, 2026 / 12:12 AM IST,
    Updated On - June 12, 2026 / 12:12 AM IST

नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार, असम और नगालैंड के बीच तेल की खोज को लेकर हुए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) में क्षेत्र की तेल उत्पादन क्षमता को मौजूदा 1,000 से 1,500 बैरल प्रतिदिन से बढ़ाकर लगभग दस गुना तक किया जा सकता है।

असम-नगालैंड सीमा क्षेत्र में खनिज तेल संबंधी गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए हुए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर से समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह समझौता पूर्वोत्तर क्षेत्र में खनिज तेल की खोज और उत्पादन के नए अवसर पैदा करेगा तथा क्षेत्र के विकास व समृद्धि को नई गति देगा।

अधिकारियों ने बताया कि इस एमओयू का उद्देश्य असम-नगालैंड सीमा के विवादित क्षेत्र बेल्ट (डीएबी) में तेल और खनिज की खोज करना है।

असम सरकार के बयान के अनुसार यह समझौता असम-नगालैंड सीमा के 1,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में अन्वेषण और उत्पादन गतिविधियों को सुगम बनाएगा, जिसके बारे में माना जाता है कि यहां पर्याप्त ऊर्जा और खनिज भंडार मौजूद हैं।

क्षेत्राधिकार संबंधी मतभेदों के कारण इस क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समय से अन्वेषण गतिविधियां ठप पड़ी थीं।

एमओयू पर शाह, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।

शाह ने यह भी कहा कि अगले साल एक या दो राज्यों को छोड़कर पूरे पूर्वोत्तर से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (अफस्पा) हटा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अफस्पा के दायरे में आने वाले इलाकों का कम होना शांति का संकेत है।

इस एमओयू पर हस्ताक्षर को एक ‘‘ऐतिहासिक पल’’ बताते हुए शाह ने कहा कि इसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर के लक्ष्य में आ रही आखिरी बाधा को दूर कर दिया है।

इस एमओयू का मकसद असम-नगालैंड सीमा पर विवादित क्षेत्र (डीएबी) में तेल और खनिजों की खोज करना है। अधिकार-क्षेत्र से जुड़े मतभेदों के कारण इस इलाके में तीन दशकों से ज्यादा समय तक खोज का काम रुका रहा।

शाह ने कहा कि सिर्फ एक एमओयू से रोजाना 1,000-1,500 बैरल तेल निकालने की क्षमता को 10 गुना बढ़ाया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ एक ही क्षेत्र से 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का तेल निकालने की संभावना है। अगर हम नगालैंड में फैले तेल के भंडार को निकालें, तो हम अपनी तेल की जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम कर पाएंगे।’’

भाषा खारी आशीष

आशीष

शीर्ष 5 समाचार