दिल्ली बाल आयोग ने एनसीईआरटी से पाठ्यपुस्तक से एक अध्याय हटाने या संशोधित करने के लिए कहा |

दिल्ली बाल आयोग ने एनसीईआरटी से पाठ्यपुस्तक से एक अध्याय हटाने या संशोधित करने के लिए कहा

दिल्ली बाल आयोग ने एनसीईआरटी से पाठ्यपुस्तक से एक अध्याय हटाने या संशोधित करने के लिए कहा

: , November 29, 2022 / 08:13 PM IST

नयी दिल्ली, 23 नवंबर (भाषा) दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) से कहा है कि वह नौवीं कक्षा की अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक के उस अध्याय में संशोधन करे या फिर इसे बदले जो पितृसत्ता को बढ़ावा देता है।

आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने कहा कि ‘द लिटिल गर्ल’ नामक इस अध्याय में एक ऐसी लड़की की कहानी बताई गई है जो अपने पिता से डरती है और लगातार धमकियां मिलने के कारण इसका असर उसके बोलने की शैली पर भी होता है।

कुंडू ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने एनसीईआरटी के निदेशक से कहा है कि इस अध्याय को हटाया जाए क्योंकि यह पितृसत्ता को बढ़ावा देता है और परिवार में हानिकारक व्यवहार को बढ़ावा देता है।’’

इस पर एनसीईआरटी की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

इस कहानी के अनुसार, जब लड़की का पिता उसकी पिटाई करता है तब उसकी दादी उसे यह घटना भूल जाने के लिए कहती है।

भाषा हक हक रंजन

रंजन

 

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