भारतीय संस्कृति के अल्प ज्ञात पहलुओं को प्रकाश में लाने के लिए नया फेलोशिप कार्यक्रम |

भारतीय संस्कृति के अल्प ज्ञात पहलुओं को प्रकाश में लाने के लिए नया फेलोशिप कार्यक्रम

भारतीय संस्कृति के अल्प ज्ञात पहलुओं को प्रकाश में लाने के लिए नया फेलोशिप कार्यक्रम

: , August 6, 2022 / 07:48 PM IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) इंटरग्लोब फाउंडेशन ने तीन महीने के फेलोशिप कार्यक्रम की घोषणा की है। इसके तहत भारतीय विरासत, समुदायों और प्रथाओं के कम-ज्ञात पहलुओं के संरक्षण के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण पेश करने के लिए चार व्यक्तियों का चयन किया जाएगा।

इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज की कल्याणकारी कार्य से जुड़ी शाखा ‘इंटरग्लोब फाउंडेशन’ (आईजीएफ) द्वारा शुरू किये गये इस फेलोशिप का उद्देश्य भारत की विरासत पर नए दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना, ऐसी परिस्थितियां बनाना जिससे विरासत-संचालित विकास को समझने में मदद मिले और स्थानीय लोगों की आवाज को बढ़ावा देना है।

यह कला के छात्रों, संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, पत्रकारों, वास्तुकारों और अन्य के लिए उपलब्ध है। फेलोशिप प्रोग्राम के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख एक नवंबर है, जबकि शुरुआत 31 अगस्त से होगी।

संस्था की प्रमुख रोहिणी भाटिया ने एक बयान में कहा, ‘‘इंटरग्लोब फाउंडेशन भारत की संस्कृति और विरासत को संरक्षित और बढ़ावा देने पर केंद्रित है। यह भारत की मूर्त और अमूर्त विरासत के संरक्षण और कई साझेदारियों के माध्यम से समुदायों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हाथ मिलाने में विश्वास करता है। हेरिटेज फेलोशिप इस दिशा में एक कदम है।’’

फेलोशिप के प्रस्तावों का मूल्यांकन करने वाली निर्णायक मंडल में इतिहासकार स्वप्ना लिडल, संस्कृति के लिए आगा खान ट्रस्ट के सीईओ रतीश नंदा शामिल हैं।

भाषा

संतोष माधव

माधव

 

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