जाने माने गीतकार और कवि का निधन, 400 फिल्मों में 1500 सदाबहार लोकप्रिय रूमानी और दर्द भरे गीत लिखे

जाने माने गीतकार और कवि का निधन, 400 फिल्मों में 1500 सदाबहार लोकप्रिय रूमानी और दर्द भरे गीत लिखे

जाने माने गीतकार और कवि का निधन, 400 फिल्मों में 1500 सदाबहार लोकप्रिय रूमानी और दर्द भरे गीत लिखे
Modified Date: November 29, 2022 / 08:25 pm IST
Published Date: June 22, 2021 6:51 am IST

तिरुवनंतपुरम, 22 जून (भाषा) मलयालम सिनेमा में 1970 और 1980 के दशक में कई सदाबहार लोकप्रिय रूमानी और दर्द भरे नगमों की रचना करने वाले प्रख्यात गीतकार-कवि पूवाचल खादर का यहां मंगलवार को कोविड-19 की जटिलताओं के कारण निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे।

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उनके परिवार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यहां के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उनका कोविड-19 और गंभीर निमोनिया का उपचार चल रहा था और इसी दौरान दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। मलयालम में कई हिट गीतों की रचना कर चुके खादर ने पांच दशक के अपने कॅरियर में करीब 400 फिल्मों में 1500 गीत लिखें हैं।

खादर के लिखे गीतों में ‘‘पूमानामे (निराकुट्टू), ‘‘अनुरागिनी इथा एन’’ (ओरु कुडाक्कीझील), ‘‘इथो जनमा कल्पनायिल’’ (पालंगल), ‘‘नाथा नी वरुम’’ (चामाराम) और कई अन्य शामिल हैं।

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तिरुवनंतपुरम के पास पूवाचल जैसी छोटी जगह पर 25 दिसंबर 1948 को जन्मे खादर फिल्मों का हिस्सा बनने से पहले बतौर इंजीनियर सरकारी सेवा में थे। 1972 में एक फिल्म में गीत लिखकर वह मशहूर हुए और दशकों तक फिल्मों का हिस्सा रहे। उन्होंने के जे यसुदास, पी जयचंद्रन, एस जानकी और कई संगीतकारों के लिए गीत लिखे।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com