भोपाल, 27 अप्रैल (भाषा) यूनियन कार्बाइड आपदा के पीड़ितों के चार संगठनों ने प्रख्यात फोटो पत्रकार रघु राय के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी तस्वीरों ने सुनिश्चित किया कि भोपाल की सच्चाई को कभी दबाया नहीं जा सके।
भोपाल गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव ने कहा, “रघु राय भोपाल आंदोलन के सच्चे सहयोगी थे। उन्होंने दिसंबर 1984 की यूनियन कार्बाइड त्रासदी के तत्काल और असहनीय मानवीय नुकसान को दर्ज किया और बार-बार दशकों से जारी पीड़ा, सरकारी उपेक्षा और न्याय के लिए संघर्ष कर रहे पीड़ितों के दृढ़ प्रतिरोध को भी दुनिया के सामने रखा।”
भारत के जाने-माने फोटोग्राफरों में शुमार राय (83) का रविवार को नयी दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।
मशहूर फ्रांसीसी फोटोग्राफर हेनरी कार्टियर-ब्रेसन के शागिर्द रहे रघु राय ने भारतीय इतिहास के कुछ सबसे मर्मस्पर्शी पलों को अपने कैमरे में कैद किया, फिर चाहे वह 1972 का बांग्लादेश शरणार्थी संकट हो या 1984 की भोपाल गैस त्रासदी।
उन्होंने इंदिरा गांधी, दलाई लामा, मदर टेरेसा, सत्यजीत राय, हरिप्रसाद चौरसिया और बिस्मिल्ला खां जैसी प्रमुख हस्तियों की तस्वीरों के माध्यम से भारत के सामाजिक, राजनीतिक और आध्यात्मिक रंगों को कैद किया।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में यूनियन कार्बाइड कारखाने से 2 और 3 दिसंबर की दरम्यानी रात को हुए जहरीली गैस के रिसाव के कारण कुल 5,479 लोगों की मौत हो गई थी और पांच लाख से अधिक लोग शारीरिक रूप से प्रभावित हुए थे।
भोपाल गैस पीड़ित महिला स्टेशनरी कर्मचारी संघ की रशीदा बी ने कहा, “रघु राय ने केवल त्रासदी को नहीं, बल्कि भोपाल हादसे के दूरगामी प्रभाव को भी अपनी फोटोग्राफी के माध्यम से देश और दुनिया को दिखाया। वह वर्षों बाद भोपाल लौटे और त्रासदी से प्रभावित माता-पिता के बच्चों में दिखाई देने वाली विकलांगताओं को दर्ज किया।”
भोपाल ग्रुप फॉर इनफार्मेशन एन्ड एक्शन की रचना ढींगरा ने कहा, “उनकी तस्वीरों ने भोपाल के मानवीय दर्द को यूनियन कार्बाइड और डाउ केमिकल की जिम्मेदारी से अलग करना असंभव बना दिया।”
संगठनों की ओर से जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया, ‘संगठन रघु राय के परिवार और उनके काम से प्रभावित सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं।’
भाषा ब्रजेन्द्र मनीषा जोहेब
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