गांधी परिवार ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव में कोई ‘आधिकारिक’ उम्मीदवार नहीं: थरूर |

गांधी परिवार ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव में कोई ‘आधिकारिक’ उम्मीदवार नहीं: थरूर

गांधी परिवार ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव में कोई ‘आधिकारिक’ उम्मीदवार नहीं: थरूर

: , November 29, 2022 / 07:46 PM IST

नागपुर, एक अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि गांधी परिवार ने उनसे कहा है कि पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव में कोई ‘आधिकारिक’ उम्मीदवार नहीं है और वह तटस्थ रहेगा।

तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने यह भी संकेत दिया कि वह चुनाव की दौड़ से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों को धोखा नहीं दे सकते।

थरूर ने पार्टी अध्यक्ष के चुनाव के लिए अपने प्रचार अभियान की शुरुआत दीक्षाभूमि स्मारक पर जाकर की, जहां बी आर आंबेडकर ने 14 अक्टूबर, 1956 को अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया था।

थरूर और पार्टी के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे इस पद के लिए चुनाव मैदान में हैं। इनमें से यदि कोई भी नामांकन पत्र वापस नहीं लेता है तो 17 अक्टूबर को मतदान होगा।

थरूर ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं गांधी परिवार के तीनों सदस्यों (सोनिया, राहुल और प्रियंका) से मिला था। उन्होंने बार-बार मुझसे कहा कि पार्टी अध्यक्ष के चुनाव में कोई आधिकारिक उम्मीदवार नहीं है और ऐसा कोई उम्मीदवार नहीं होगा। वे एक अच्छा और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं। गांधी परिवार तटस्थ रहेगा और पार्टी मशीनरी निष्पक्ष। वे एक अच्छा चुनाव चाहते हैं और पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं। मुझे कोई संदेह नहीं है जब पार्टी अध्यक्ष ने मुझे आश्वासन दिया है।’’

थरूर इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या खड़गे गांधी परिवार की पसंद और उसके पसंदीदा उम्मीदवार हैं। कांग्रेस नेता थरूर ने कहा, ‘‘यह चुनाव सहयोगियों के बीच है। कोई शत्रुता या युद्ध नहीं है। यह एक दोस्ताना मुकाबला है। हम अपने प्रस्तावों को सामने रखकर समर्थन की अपील कर रहे हैं।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या चुनाव निर्विरोध होगा, थरूर ने कहा, ‘‘मेरा सवाल यह है कि मैं इतने लोगों के साथ विश्वासघात कैसे कर सकता हूं जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया है और मेरा समर्थन किया है। मैं उन्हें नहीं छोड़ूंगा।’’

थरूर ने कहा कि लोग उन्हें एक कमजोर के तौर पर आंक सकते हैं और सोच सकते हैं कि यह उनके लिए एक कठिन मुकाबला होगा, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह कभी भी कठिनाइयों से नहीं भागे हैं।

थरूर ने कहा, ‘‘मुझे पार्टी के आम कार्यकर्ताओं ने चुनाव लड़ने के लिए कहा है। कांग्रेस के आम कार्यकर्ता पार्टी में बदलाव चाहते हैं और मैं उनकी आवाज बनना चाहता हूं और युवा कांग्रेस की आवाज भी।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव में अपनी संभावनाओं पर भरोसा है और पार्टी में ऐसे लोग हैं जो उनका समर्थन करते हैं।

पार्टी की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक अधिसूचना के मुताबिक चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 सितंबर से 30 सितंबर तक थी।

थरूर ने इस प्रक्रिया के आखिरी दिन शुक्रवार को नामांकन दाखिल किया था। आठ अक्टूबर तक नामांकन पत्र वापस लिया जा सकता है और उम्मीदवारों की अंतिम सूची उसी दिन शाम 5 बजे जारी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मतदान 17 अक्टूबर को होगा। मतों की गिनती 19 अक्टूबर को होगी और उसी दिन परिणाम घोषित किया जाएगा।

यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस पार्टी में किस तरह के परिवर्तनों की आवश्यकता है, थरूर ने विकेंद्रीकरण (सत्ता का), मंडल, जिला और राज्य स्तर तक को सशक्त बनाने और आम कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाने का उल्लेख किया।

थरूर कांग्रेस के जी-23 समूह का हिस्सा थे, जिसने पार्टी के सभी स्तरों पर एक संगठनात्मक बदलाव और चुनाव की मांग की थी।

थरूर ने अपनी नागपुर दौरे के दौरान अपनी नव-प्रकाशित पुस्तक ‘‘आंबेडकर: ए लाइफ’’ की पहली प्रति का विमोचन किया।

रविवार को थरूर सुबह 9 बजे वर्धा स्थित महात्मा गांधी के सेवाग्राम आश्रम जाएंगे और बाद में पवनार में विनोबा भावे के आश्रम जाएंगे। वह दोपहर 12.45 बजे तक नागपुर लौटेंगे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पार्टी की प्रदेश इकाई के सदस्यों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश

 

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