मुंबई, 19 जनवरी (भाषा) उल्हासनगर नगर निगम में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) के दो नवनिर्वाचित पार्षदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन दे दिया है, जिससे नगर निकाय में उसकी स्थिति और मजबूत हो गई है।
ठाणे जिले में स्थित 78 सदस्यीय इस नगर निकाय के लिए 15 जनवरी को हुए चुनाव में महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के घटक दलों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था और क्रमशः 37 और 36 सीट जीती थीं।
सूत्रों ने सोमवार को बताया कि नवनिर्वाचित वीबीए पार्षदों सुरेखा सोनावणे और विकास खरात ने रविवार रात मुंबई में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आवास पर उनसे मुलाकात की और समर्थन पत्र सौंपे।
इस मौके पर कल्याण से शिवसेना सांसद एवं एकनाथ शिंदे के पुत्र श्रीकांत शिंदे भी इस मौके पर मौजूद थे।
सोनावणे और खरात ने कहा कि उनका यह फैसला अपने-अपने वार्ड का समग्र विकास सुनिश्चित करने और दलित बस्ती सुधार योजना के तहत कार्यों को लागू करने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस दौरान शिवसेना के कई नेता मौजूद थे, जिनमें विधायक डॉ. बालाजी किनीकर, पूर्व महापौर सुनील चौधरी और प्रवक्ता राहुल लोंढे शामिल थे।
वीबीए के समर्थन से शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना नगर निगम पर नियंत्रण की दौड़ में भाजपा से आगे निकल गई है।
नगर निकाय में कांग्रेस, एक स्थानीय दल और एक निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक सीट हासिल की है।
भाषा अमित मनीषा
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