राणा दंपति के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों के पीछे है राजनीतिक कारण: वकील ने मुंबई अदालत से कहा |

राणा दंपति के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों के पीछे है राजनीतिक कारण: वकील ने मुंबई अदालत से कहा

राणा दंपति के खिलाफ राजद्रोह के आरोपों के पीछे है राजनीतिक कारण: वकील ने मुंबई अदालत से कहा

: , August 11, 2022 / 08:08 PM IST

मुंबई, 11 अगस्त (भाषा) लोकसभा की निर्दलीय सदस्य नवनीत राणा और उनके पति एवं विधायक रवि राणा के वकील ने उनकी जमानत रद्द किए जाने का अनुरोध करने वाली पुलिस की याचिका का विरोध करते हुए यहां एक विशेष अदालत से बृहस्पतिवार को कहा कि राणा दंपति के खिलाफ राजद्रोह के आरोप महाराष्ट्र में ‘‘राजनीतिक उथल-पुथल’’ के कारण लगाए गए हैं।

बचाव एवं अभियोजन पक्ष ने याचिका पर बृहस्पतिवार को अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं, जिसके बाद विशेष न्यायाधीश आर एन रोकड़े ने मामले पर फैसला सुनाने के लिए 22 अगस्त की तिथि तय की।

राणा दंपति के वकील रिजवान मर्चेंट ने जमानत रद्द किए जाने की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि दो समूहों के बीच ‘‘राजनीतिक उथल पुथल’’ के परिणामस्वरूप भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124ए (राजद्रोह) लगाई गई, लेकिन उच्चतम न्यायालय ने राजद्रोह के आरोपों के तहत हर मामले पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि इसलिए अभियोजन पक्ष उस आदेश की समीक्षा का अनुरोध नहीं कर सकता और अब सभी मामले केवल आईपीसी की धारा 153ए (शत्रुता बढ़ाने) से संबंधित हैं।

उच्चतम न्यायालय ने 11 मई को एक अभूतपूर्व आदेश के तहत देशभर में राजद्रोह के मामलों में सभी कार्यवाहियों पर तब तक के लिए रोक लगा दी, जब तक कोई ‘उचित’ सरकारी मंच इसका पुन: परीक्षण नहीं कर लेता। शीर्ष अदालत ने केंद्र एवं राज्य सरकारों को आजादी के पहले के इस कानून के तहत कोई नई प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के निर्देश भी दिए।

मुंबई पुलिस ने उपनगरीय बांद्रा में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की राणा दंपति की घोषणा के बाद उन्हें 23 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। उन पर राजद्रोह और वैमनस्व को बढ़ावा देने के आरोपों सहित आईपीसी के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

न्यायाधीश रोकड़े ने राणा दंपति की जमानत याचिका पांच मई को कुछ शर्तों के साथ मंजूर कर की थी। इनमें से एक शर्त थी कि वे मीडिया में इस मामले के संबंध में कोई बयान नहीं देंगे। इसके कुछ दिन बाद पुलिस ने दंपति की जमानत इस आधार पर रद्द किए जाने का विशेष अदालत से अनुरोध किया कि उन्होंने जमानत संबंधी शर्तों का कथित रूप से उल्लंघन किया है।

भाषा सिम्मी नरेश

नरेश

 

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