चंद्रयान-2 पर बड़ी खुशखबरी, हार्ड लैंडिंग के बाद भी नहीं टूटा विक्रम, इसरो से संपर्क का प्रयास जारी

 Edited By: Anil Kumar Shukla

Published on 09 Sep 2019 03:39 PM, Updated On 09 Sep 2019 03:39 PM

नई दिल्ली। चंद्रयान- 2 की एक खबर ने फिर से देशवासियों को थोड़ा खुश होने का मौका दिया है। इसरो ने बताया कि विक्रम लैंडर पूर्व निर्धारित जगह के करीब ही पड़ा है। बड़ी बात यह है कि उसमें कोई टूट-फूट नहीं हुई है और पूरा भाग चांद की सतह पर थोड़ा टेढ़ा होकर पड़ा है। उन्होंने सोमवार को बताया, 'विक्रम ने हार्ड लैंडिंग की है और ऑर्बिटर के कैमरे ने जो तस्वीर भेजी है, उससे पता चलता है कि वह निर्धारित स्थल के बिल्कुल करीब पड़ा है। विक्रम टूटा नहीं है और उसका पूरा हिस्सा सुरक्षित है।'

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इसरो के पूर्व चीफ माधवन नायर ने कहा कि विक्रम से दोबारा संपर्क साधे जाने की अब भी 60 से 70 प्रतिशत संभावना है। वहीं, वैज्ञानिक और डीआरडीओ के पूर्व संयुक्त निदेशक वीएन झा ने भी कहा कि किसी भी दिन इसरो सेंटर का विक्रम से संपर्क हो सकता है। इसरो के ऑफिसर का मानना है कि विक्रम का एक भी पुर्जा खराब हुआ होगा तो संपर्क संभव नहीं हो पाएगा।

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उन्होंने कहा, 'जब तक विक्रम का एक-एक पुर्जा सही नहीं रहेगा, तब तक उससे संपर्क साधना बहुत मुश्किल होगा। उम्मीद बहुत कम है। अगर इसने सॉफ्ट-लैंडिंग की हो और सही तरह से काम कर रहा हो, तभी संपर्क साधा जा सकता है। अभी तक कुछ कहा नहीं जा सकता है।' अब तक की स्थिति अच्छी है।'

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उन्होंने कहा, 'एंटिना का रुख अगर ग्राउंड स्टेशन या ऑर्बिटर की तरफ हो तो काम आसान हो जाएगा। इस तरह का ऑपरेशन बहुत कठिन होता है। लेकिन, अच्छी उम्मीद है। हम प्रार्थना कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'हमारी सीमाएं हैं। चांद पर उस तरह की ऑपरेशन फ्लेक्सिबिलिटी नहीं है। यह चांद पर पड़ा हुआ है और हम उसे हिला-डुला नहीं सकते।' उन्होंने बताया कि विक्रम ऊर्जा खपत कर रहा है जिसकी कोई चिंता नहीं है क्योंकि उसमें सोलर पैनल लगे हैं।

Web Title : Big news on Chandrayaan-2, Vikram not broken even after hard landing, efforts to contact ISRO continue

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