चीन में मंदिरों और चर्चों पर होगा कम्युनिस्ट पार्टी की कमेटी का दखल, 'सलाह' के जरिए रखेंगे निगाह

 Edited By: Rupesh Sahu

Published on 14 Jul 2019 02:43 PM, Updated On 14 Jul 2019 02:43 PM

बीजिंग। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने गैर बौध्दिक धार्मिक संस्थानों पर निगाह रखने का एक और उपाय खोज निकाला है। कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने चीन में मंदिरों और चर्च के प्रबंधन पर सलाह देने की योजना बनाई है। ये जानकारी चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ न्यूज के हवाले से मिली है।
मंदिरों और चर्चो के मैनेजमेंट में एडवाइज देने का ये फैसला चाइनीज पीपुल पॉलिटिकल कंसलटेटिव कॉन्फ्रेंस की नैशनल कमिटी की मीटिंग में लिया गया। समिति के सदस्यों ने कानून के अनुसार मंदिरों और चर्चों के प्रबंधन में सुधार और नवाचार करने के प्रयासों के लिए भी कहा है।

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बौद्ध और ताओवादी मंदिरों को लेकर विस्तार से चर्चा में गई, जहां लगातार श्रध्दालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है। पार्टी में इस बात को लेकर भी चर्चा की गई है कि धनाढ्य चाइनीज लोगों का एक समूह आध्यात्म की तरफ अधिक रूचि दिखा रहा है। कम्युनिस्ट पार्टी ने बीते दिनों अपने सदस्यों को धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने को लेकर चेतावनी भी जारी की दी थी।

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बता दें कि चर्च प्रबंधन और चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी में इस बात को लेकर खासा विरोध रहता है कि कैथलिक चर्चों में बिशप की नियुक्ति पर पोप अंतिम निर्णय लेते हैं। चीन ने कुछ चर्चों में वेटिकन द्वारा बिशप की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

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समिति द्वारा धार्मिक संस्थानों का मार्गदर्शन करने का फैसला यह दिखाता है कि पार्टी संस्थाओं की कई चीजों से खुश नहीं है। साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों में देश भक्ति और समाजवाद के कार्यक्रम को महत्व देने पर जोर दिया जा रहा है।

 

Web Title : Communist Party Committee intervenes on temples and churches in China Will look through 'Advice'

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